इन्द्रावती पुल बना खतरे का पुलः विभागीय उदासीनता और नेताओं की अनदेखी से हर दिन खतरे में हजारों लोगों की जान….


जगदलपुर(प्रभात क्रांति) । बस्तर जिला जगदलपुर की जीवन रेखा कहलाने वाला इन्द्रावती नदी का पुल जो जगदलपुर-रायपुर-उड़ीसा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग का प्रमुख हिस्सा है, जो आज अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है । पुल की सतह टूट चुकी है, लोहे की रॉड बाहर निकल आई हैं, और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं जिसके कारण हर दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है ।
हर दिन हजारों वाहनों की आवाजाही, लेकिन मरम्मत का नाम नहीं
यह पुल बस्तर के लिए मुख्य परिवहन सड़क है, जहां से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं । भारी ट्रैफिक और लापरवाही भरी देखरेख का परिणाम यह है कि इसकी हालत दिन-प्रतिदिन और भी खतरनाक बनती जा रही है ।
दुर्घटना में मासूम की मौत, फिर भी विभाग मौन
चंद दिन पूर्व पुल की जर्जर हालत के कारण एक मासूम बालक दुर्घटना का शिकार हो गया, जिसकी मौत मौके पर हो गई । यह घटना लोगों के मन में भय पैदा करने के लिए काफी थी, लेकिन विभाग और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी चिंताजनक है । ”अगर समय रहते इस पुल की मरम्मत हो जाती तो एक मासूम की जान बच सकती थी, लेकिन अब तक विभाग द्वारा मरम्मत हेतु कोई कार्यवाही नही किया जाना लापरवाही को दर्शाता है ।“
‘‘प्रभात क्रांति’’ द्वारा इस मुद्दे को कई बार समाचार पोर्टल के माध्यम से उठाया गया, लेकिन विभाग ने सिर्फ खामोशी ओढ़ ली । प्रभात क्रांति द्वारा इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिशें की किन्तु उनके द्वारा फोन उठाना तक उचित नहीं समझा गया । जगदलपुर एसडीएम को इस पुल की स्थिति की जानकारी है पर अब तक किसी भी प्रकार की मरम्मत कार्य की शुरुआत नहीं हुई ।
जनता का सवाल ?
- क्या विभाग पहल तभी करेगा जब कोई बड़ा हादसा होगा ।
- क्या नेताओं को जनता की सुरक्षा से ज्यादा राजनीति महत्वपूर्ण है
- आम लोग कब तक अपनी ही जान का जोखिम उठाते रहेंगे ।

आम जनता ने सरकार से मांग की है कि इस पुल की स्थिति को देखते हुए पुल की तात्कालिक मरम्मत शुरू हो, क्षतिग्रस्त हिस्सों में सुरक्षा बैरिकेड लगाए जाएं, वैकल्पिक मार्ग की तैयारी हो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाये ताकि इस पुल में हो रहे हादसों पर लगाम लगाया जा सके ।





