छत्तीसगढ़

आदिवासी होने का दंश झेल रही पीड़ित शिक्षिका श्यामबती कश्यप, जांच अधिकारी बनकर प्राचार्य द्वारा किया जा रहा प्रताड़ित…देखें वीडियों:- 

जगदलपुर(प्रभात क्रांति), बस्तर जिला जगदलपुर के जनपद पंचायत बकावण्ड में श्रीमती श्यामबती कश्यप बकावण्ड के ग्राम पंचायत कोहकापाल के पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षिका होने के नाते अपने दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा था । इनके द्वारा वर्ष 2005 में शिक्षक एल.बी. में पदस्थ रहकर ग्राम पंचायत तालुर में अपना सेवा दे रहे थे । जहां इन्हें एक अच्छी शिक्षका होने के नाते कई पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है ।

किन्तु उनका स्थानांतरण जनपद पंचायत बकावण्ड के पूर्व माध्यमिक शाला में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ है वही उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं आत्मानंद हायर सेकेन्डरी स्कूल करीतगांव श्री लुप्तेश्वर आचार्य जो संकुल प्रचार्य है उनके द्वारा श्रीमती श्यामबती कश्यप को मानसिक रोगी कहकर कई महनों से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया तथा उनकी सहयोगी श्रीमती वरूणा राव प्रधान अध्यापिका के द्वारा पठन-पाठन कार्य में बाधित होने की बात कहकर उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था उनके द्वारा किया गया और इस तरह से शाला समिति के अध्यक्ष गुरूबंधु एवं सरंपच ग्राम पंचायत कोहकापाल के द्वारा भी इस वैकल्पिक व्यवस्था को मान्य कर पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से किया जा रहा था, परन्तु लुप्तेश्वर आचार्य के द्वारा श्रीमती श्यामबती कश्यप को भला-बूरा कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करना प्रारंभ कर दिया और वही उन्हें मानसिक रोगी कहकर विगत 06 माह पूर्व से उनके पे-डाटा में लाल स्याही से लिखना प्रारंभ किया और वही अचानक जांच अधिकारी बनकर एक दिन चयन कर प्राचार्य द्वारा मेडिकल कॉलेज में इनके रिश्तेदार एवं अन्य से चर्चा कर ओ.पी.डी. में पर्ची कटाकर बेडरेस्ट लिखाकर लगभग 06 माह से कार्य से वंचित कर दिया गया है साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था को भी खत्म कर दिया तथा 06 माह से उनका वेतन भी भुगतान नही किया गया है, वेतन नही मिलने पर इनकी आर्थिक स्थिति दिनों-दिन खराब होती जा रही है वेतन नही मिलने के कारण अपना ईलाज करने में भी श्रीमती श्यामबती कश्यप को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।

प्राचार्य स्वंय जांच अधिकारी बनकर महिला शिक्षक को मानसिक रोगी बनाने का प्रयास किया जा रहा है । जहां एक शिक्षक गंभीर बिमारी से लिप्त होने के कारण अपने सेवा में उपस्थित नही होने के उपरांत भी उन्हें वेतन का भुगतान किया जा रहा है वही श्रीमती श्यामबती कश्यप जो स्वंय अपनी सेवा में जाना चाहती है उन्हें अपने सेवा से दूर किया जार रहा है तथा वेतन का भुगतान भी नही किया जा रहा है । जिससे पीड़ित परिवार प्राचार्य के इस रवैय्ये से परेशान है ।

वही पीड़ित शिक्षिका श्रीमती श्यामबती कश्यप के पति शासकीय सेवा में कार्यरत है उनके द्वारा बताया गया कि श्रीमती श्यामबती कश्यप को शासकीय सेवा से बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है तथा स्कूल जाने से प्राचार्य द्वारा साफ मना करना स्वंय जांच अधिकारी बनकर एक आदिवासी महिला को प्रताड़ित करने का मामला सामना आया है ।

इस संबंध में प्राचार्य श्री लुप्तेश्वर आचार्य से चर्चा करने उनके तेवर बदल गये तथा दबंग लहजे में आक्रोश होकर कैमरा के सामने आने मना कर कैमरा छिन्ने का प्रयास किया गया । वही पीड़ित शिक्षिका द्वारा 06 माह से वेतन नही मिलने पर अधिकारियों एवं आम आदमी से गुहार लगाने को मजबूर है, किन्तु उन्हें किसी प्रकार का भरोसा नही मिल रहा इस संबंध में शाला समिति एवं ग्राम पंचायत को श्रीमती श्यामबती से किसी प्रकार की परेशानी नही है और पाठन-पठन कार्य में कोई परेशानी नही थी, किन्तु प्राचार्य द्वारा स्वंय ही जांच अधिकारी बनकर शासकीय शिक्षक को अपने सेवा से दूर करना एक सोचनीय विषय बना हुआ है संबंधित अधिकारी को इस पर संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता है, जो कि एक जाति गत मामला दिख रहा है ।

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