अचानक लगी आग को बुझाने में शामिल हुआ़…

जगदलपुर(प्रभात क्रांति), खेत में पड़े पैरा में आग लगी और ऊंची ऊंची लपटें राष्ट्रीय राजमार्ग से दिखने लगी। अवकाश का दिन था तो पास के गांव आसना में जा रहा था कि भयंकर आग को देखते हुए वहीं से 112 को काल किया और ग्राउंड जीरो में डटा हुआ रहकर फायर ब्रिगेड को राह बताया।
वो पांच लोग सेवा में आए किन्तु जहां आंग लगी थी वहां पर गाड़ी नहीं जा सकी ऊंची ऊंची मेड होने के कारण गाड़ी वहीं रुक गई जहां फोटो में दिखाई दे रही है। पाइप भी लम्बी नहीं थी मेरे साथ छह लोगों ने मिलकर कच्ची पतेयुक्त्त झाड़ियों को तोड़कर उसी से पीट पीट कर आग को बुझाया गया। पांच से सात एकड़ जमीन पर आग फैली हुई थी।
आग को नहीं बुझाने से लगी हुई फसलों को नुक्सान हो सकता था, इस तरह आग आगे फैलते हुए पैरा के ढेरों पर दावानल बन सकती थी। काफी मशक्कत करनी पड़ी मन में संतोष भर आया जान माल की छति नहीं हुई। आग की लपटों से हम छह लोग प्रभावित हुए।