डबल इंजन सरकार में भी अधूरी ‘नल-जल’ योजना, साय सरकार केंद्र की योजना पर नहीं दे रही ध्यान – दयाराम कश्यप


जगदलपुर (प्रभात क्रांति) । बस्तर ही नहीं बल्कि पूरे देश में अंतिम घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने के उद्देश्य से हर घर नल-जल (जल जीवन मिशन) योजना केंद्र व राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयास से प्रारंभ की गई थी ।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासनकाल के दौरान इस योजना को गंभीरता से लागू करते हुए अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ कार्य कराए जा रहे थे और कई क्षेत्रों में बेहतर प्रगति भी देखने को मिल रही है । वहीं वर्तमान में डबल इंजन की साय सरकार पर आरोप है कि योजना की रफ्तार धीमी पड़ गई है और मिशन को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी जा रही है ।
किसान कांग्रेस नेता दयाराम कश्यप ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केन्द्र की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल (जल जीवन मिशन) योजना बस्तर क्षेत्र में ठप पड़ती जा रही है । उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद साय सरकार इस योजना को जमीन पर लागू करने में गंभीरता नहीं दिखा रही है, जबकि इसका उद्देश्य अंतिम घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना था ।
दयाराम कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासनकाल के दौरान इस योजना की शुरुआत कर अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ तेजी से कार्य कराया जा रहा था और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को लाभ मिलने लगा था । लेकिन वर्तमान में कई जगह काम अधूरा छोड़ दिया गया है । कहीं पानी टंकी निर्माण अटका हुआ है, तो कहीं पाइपलाइन अधूरी है, जिससे योजना केवल कागजों तक सीमित होती दिखाई दे रही है ।
उन्होंने बताया कि विकासखंड बस्तर के राजपुर, बोड़नपाल, तेतरगुड़ा तथा बकावण्ड ब्लॉक के गुमडेल व करीतगांव सहित कई गांवों में आज भी लोगों को नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। करीतगांव के डीपों पारा में महिलाएं आज भी सड़क किनारे पानी भरने को मजबूर हैं, जो शासन-प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है । कई स्थानों पर टंकियां बनी होने के बावजूद पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है ।
कश्यप ने कहा कि यदि समय रहते योजना को गति नहीं दी गई तो ग्रामीणों का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा । उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि तत्काल अधिकारियों को निर्देश देकर अधूरे कार्य पूर्ण कराए जाएं, ताकि बस्तर के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिल सके और केन्द्र की इस महत्वपूर्ण योजना का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचे ।




