छत्तीसगढ़

पेट्रोल-डीजल और खाद संकट से किसान परेशान, किसान कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ग्रामीण क्षेत्रों में डिब्बा-बोतल में ईंधन नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी, किसानों ने व्यवस्था सुधारने की उठाई मांग – किसान कांग्रेस…. देखें वीडियो

जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल और खाद की कमी को लेकर किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष दयाराम कश्यप एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संतोष सेठिया ने किसानों के साथ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की है।

ज्ञापन में बताया गया है कि जिले के कई ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा डिब्बा, बोतल एवं छोटे कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल देने से मना किया जा रहा है। इसके कारण दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले किसानों और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खेती-किसानी में उपयोग होने वाले पंप, ट्रैक्टर, जनरेटर और अन्य मशीनें खेतों या जंगल क्षेत्रों में खराब हो जाने पर किसान कंटेनरों में ईंधन लेकर ही वहां पहुंचते हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों में कंटेनरों में ईंधन नहीं मिलने से किसानों का काम प्रभावित हो रहा है। मशीन एक जगह स्थिर रहती है जिससे उसे पेट्रोल पंप ले जाना मुश्किल रहता है, किंतु इस तरह से सरकार द्वारा फरमान जारी करना किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है ।
किसान कांग्रेस नेता दयाराम कश्यप ने कहा कि बारिश और खेती के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। इंद्रावती नदी के समीप ग्रामीण क्षेत्रों में कई गांव ऐसे हैं जहां वाहन सीधे पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में सुरक्षा का हवाला देकर डिब्बों में पेट्रोल-डीजल नहीं देना किसानों के हित में नहीं है। वहीं जिले में खाद की कमी से भी किसान परेशान हैं, जिससे खेती की तैयारियों पर असर पड़ रहा है। खुले बाजार में यूरिया की कीमत बढ़ जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है ।

ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए किसानों और ग्रामीणों को कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही खाद की पर्याप्त उपलब्धता कर किसानों को राहत प्रदान करने की मांग भी की गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो खेती-किसानी पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।

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