करपावंड में भू-अभिलेखों में भारी गड़बड़ी का आरोप, भारतीय किसान छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष नीलकुमार बघेल ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग…


जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर जिले के करपावंड तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत करपावंड के किसानों और ग्रामीणों ने भू-अभिलेखों में गंभीर त्रुटियों का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को सामूहिक आवेदन सौंपा है। भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के बैनर तले दिए गए आवेदन में किसानों ने राजस्व अभिलेखों में दर्ज गलतियों को सुधारने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
किसानों का आरोप है कि ग्राम करपावंड के वर्ष 1992-93 के बंदोबस्त एवं डिजिटल रिकॉर्ड में कई गंभीर त्रुटियां दर्ज हैं। आवेदन में कहा गया है कि अनेक किसानों के नाम, पिता के नाम और भूमि का रकबा गलत दर्ज है। वहीं जाति प्रमाण पत्र के अनुरूप प्रविष्टियां नहीं होने तथा शासकीय भूमि, रास्ता और विस्तारी भूमि के निजी खातों में दर्ज होने जैसी अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। किसानों का कहना है कि इन त्रुटियों के कारण गांव में लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है।
भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि जब तक रिकॉर्ड की जांच और त्रुटियों का सुधार नहीं हो जाता, तब तक संबंधित भूमि की खरीद-बिक्री और नामांतरण पर राजस्व संहिता की धारा 164 के तहत रोक लगाई जाए। किसानों का कहना है कि गलत अभिलेखों के आधार पर भूमि का क्रय-विक्रय होने से भविष्य में और अधिक विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।
किसान संघ ने जिला प्रशासन से पूरे राजस्व रिकॉर्ड का पुनः सत्यापन, भू-नक्शा और खसरा का मिलान कराकर सभी त्रुटियों को तत्काल सुधारने के निर्देश जारी करने की मांग की है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच करेगा, जिससे किसानों को न्याय मिल सके और भविष्य में भूमि संबंधी विवादों पर रोक लगाई जा सके।





