छत्तीसगढ़

नक्सल मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों के रिहाई की मांग को लेकर परिवारजन हुए रायपुर रवाना, आदिवासी समाज के हितों की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है- विक्रम मंडावी

बीजापुर(प्रभात क्रांति)। नक्सली होने के नाम पर जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई को लेकर उनके परिजनों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में रायपुर के लिए रवाना हो गया। इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल परिवारजन प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से मुलाकात कर अपनी मांग रखेंगे।

परिवारजनों की मुख्य मांग है कि “हार्डकोर नक्सलियों के मामलों को जिस तरह वापस लिया गया, उसी तरह निर्दोष और गरीब आदिवासियों को भी तुरंत जेलों से रिहा किया जाए।”

इससे पहले बीते गुरुवार 9 जुलाई 2026 को जिला मुख्यालय बीजापुर में जेलों में बंद आदिवासियों के परिजनों ने विधायक विक्रम मंडावी के साथ विस्तृत बैठक की थी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम कलेक्टर बीजापुर को ज्ञापन सौंपा गया था।

परिजनों ने आरोप लगाया कि कई निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों को बिना ठोस सबूत के नक्सली होने के नाम पर वर्षों से जेलों में बंद रखा गया है। वे लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

वहीं विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि अब प्रदेश नक्सल मुक्त हो चुका है ऐसे में निर्दोष आदिवासियों को जेलों से रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि “बस्तर के आदिवासी समाज के हितों की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।” परिवारजनों के प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से सोनाराम बारसा, शांति कोरसा, रोहिता ताती, विनित इरपा, वामन कड़ती, सेवंती गोटा, मुन्ना ओयाम, भीमा मड़कम, विकास अवलम, मंगेस बारसे, बीजू लेकाम और महेश रेंगा के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं।

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