छत्तीसगढ़

केंद्रीय बजट 2026-27 भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम – भाजपा

जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। भारतीय जनता पार्टी द्वारा केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में इसे भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों की दिशा में निर्णायक और ऐतिहासिक बजट बताया गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था ने स्थिर विकास, कम मुद्रास्फीति और संरचनात्मक सुधारों के दम पर मजबूत आधार तैयार किया है।

प्रेसवार्ता में बताया गया कि सरकार ने लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय ठोस सुधारों पर फोकस करते हुए रोजगार सृजन, उत्पादकता वृद्धि और औद्योगिक विस्तार को प्राथमिकता दी है। 2025 के स्वतंत्रता दिवस के बाद अब तक 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं, जिनमें जीएसटी सरलीकरण, श्रम संहिताओं की अधिसूचना और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों का युक्तिकरण शामिल है।

छह प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित बजट

भाजपा नेताओं के अनुसार यह बजट छह अहम स्तंभों पर आधारित है—

1. विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा:
बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत ₹10,000 करोड़ का प्रावधान, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹40,000 करोड़ का आवंटन तथा रेयर अर्थ कॉरिडोर की स्थापना से भारत को वैश्विक विनिर्माण हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।

2. वस्त्र और हस्तशिल्प क्षेत्र:
राष्ट्रीय फाइबर योजना, टेक्सटाइल विस्तार कार्यक्रम, हथकरघा-हस्तशिल्प को बढ़ावा, टिकाऊ वस्त्रों के लिए टेक्स-इको पहल और समर्थ 2.0 से रोजगार सृजन को गति मिलेगी। खादी एवं ग्रामोद्योग को मजबूती देने हेतु ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल शुरू होगी।

3. एमएसएमई को सशक्त बनाना:
₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड, आत्मनिर्भर भारत फंड में अतिरिक्त ₹2,000 करोड़ और छोटे शहरों में ‘कॉर्पोरेट मित्र’ व्यवस्था से एमएसएमई को पूंजी और तकनीकी सहयोग मिलेगा।

4. इंफ्रास्ट्रक्चर विकास:
वित्त वर्ष 2026-27 में ₹12.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है। राज्यों को विशेष सहायता के तहत ₹1.85 लाख करोड़ दिए जाएंगे। नए फ्रेट कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्ग लॉजिस्टिक्स को नई गति देंगे।

5. ऊर्जा सुरक्षा:
कार्बन कैप्चर तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ₹20,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिससे उद्योगों को टिकाऊ बनाया जाएगा।

6. शहरी विकास और हाई-स्पीड रेल:
सिटी इकोनॉमिक रीजन की मैपिंग, प्रति रीजन ₹5,000 करोड़ का प्रावधान और सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से देश का शहरी और परिवहन ढांचा मजबूत होगा।

स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर विशेष जोर

बजट में अगले पांच वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स जोड़ने, नए मेडिकल सेंटर, आयुर्वेद संस्थान, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, खेलो इंडिया मिशन और 15 पुरातात्विक स्थलों के विकास का प्रावधान किया गया है।

कृषि, महिला और दिव्यांग सशक्तिकरण

कृषि में एआई आधारित ‘भारत-विस्तार’ टूल, महिला उद्यमियों के लिए ‘शी-मार्ट’, दिव्यांगजनों के लिए कौशल एवं सहायक योजनाएं तथा पूर्वोदय राज्यों के विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

कर सुधार और राहत

कर प्रस्तावों में आम नागरिक और उद्योग दोनों को राहत दी गई है। कैंसर व दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर सीमा शुल्क छूट, मोटर दुर्घटना मुआवजे पर कर छूट, टीसीएस में कमी और छोटे करदाताओं के लिए सरल अनुपालन व्यवस्था को अहम बताया गया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को साकार करता है और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मजबूत नींव रखता है।

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