स्कूल के समीप श्मशान घाट बना बच्चों के लिए डर का कारण, सफाई के अभाव में जंगली जानवरों की आशंका बढ़ी….

जगदलपुर (प्रभात क्रांति) । बस्तर जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित जनपद पंचायत बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मालगांव मे एक पुराना आदिवासी श्मशान घाट इन दिनों ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए चिंता का विषय बन गया है । वर्षों से साफ-सफाई नहीं होने के कारण श्मशान घाट में कंटीली झाड़ियां, घने खरपतवार और बड़े-बड़े पौधे उग आए हैं, जिससे यह क्षेत्र पूरी तरह से जंगलनुमा रूप ले चुका है ।

स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षकों का कहना है कि श्मशान घाट के ठीक समीप प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, पंचायत भवन, अस्पताल एवं आदर्श विद्यालय स्थित हैं, जहां प्रतिदिन सैकड़ों बच्चों का आवागमन होता है । लेकिन श्मशान घाट में फैली घनी झाड़ियों के कारण आसपास का क्षेत्र दिखाई नहीं देता, जिससे जंगली जानवरों के छिपे होने की आशंका बनी रहती है । ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में पहले भी भालू एवं लकड़बग्घा जैसे जंगली जानवरों की मौजूदगी देखी जा चुकी है, जिन्हें कई लोगों ने श्मशान घाट के आसपास घूमते हुए देखा है ।
बताया जा रहा है कि स्कूल आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे इसी मार्ग से गुजरते हैं । श्मशान घाट की भयावह स्थिति और घनी झाड़ियों के कारण बच्चों में डर का माहौल बना रहता है । अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं कराई गई, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता ।
ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई । पंचायत की उदासीनता के चलते श्मशान घाट की स्थिति और भी बदतर होती जा रही है, जिससे स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं ।
ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट की तत्काल सफाई कराई जाए, झाड़ियों को हटाया जाए और क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को किसी भी प्रकार के खतरे का सामना न करना पड़े। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में यह लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।



