छत्तीसगढ़

बाल कल्याण समिति ने बाल देखरेख संस्थाओं का किया औचक निरीक्षण, बच्चों की देखरेख, खानपान, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जगदलपुर(प्रभात क्रांति)। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत बस्तर जिले की पंजीकृत बाल देखरेख संस्थाओं का बाल कल्याण समिति, जिला बस्तर द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में शासकीय बाल गृह (बालक), बालिका गृह, खुला आश्रय गृह (बालक) बस्तर सामाजिक जन विकास समिति एवं सेवा भारती (मातृ छाया) विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी जगदलपुर शामिल रही।

बाल कल्याण समिति, जिला बस्तर के अध्यक्ष नरेन्द्र पाणिग्राही ने बताया कि संस्थाओं में साफ-सफाई, पौष्टिक आहार, बच्चों की नियमित पढ़ाई एवं समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बच्चों के प्रति अधिक संवेदनशील व्यवहार अपनाने तथा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए संस्था अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है। माह फरवरी व मार्च में बाल गृह (बालक/बालिका) में निवासरत बच्चों के परीक्षा होने है उसके लिए बच्चों को पढ़ाई में ध्यान देने कहा गया । ग्रीष्म कालीन अवकाश में बच्चों को विभिन्न प्रकार की गतिविधियों से जोड़ने कार्ययोजना तैयार करने कहा गया।

समिति द्वारा यह भी बताया गया कि सभी संस्थाएं किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जा रही हैं। देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों के लिए आवासीय सुविधाओं का निरीक्षण प्रत्येक माह कम से कम दो बार किया जाता है। इस दौरान संस्थाओं में रखी जाने वाली विभिन्न पंजियों का समिति सदस्यों द्वारा सूक्ष्म अवलोकन किया गया।

निरीक्षण के दौरान समिति ने बालक-बालिकाओं एवं कर्मचारियों से व्यक्तिगत चर्चा कर संस्थागत व्यवस्थाओं की जानकारी ली। पूर्व निरीक्षण में पाई गई कमियों को संस्थाओं द्वारा दूर कर लिया गया है। समिति ने निरीक्षण के उपरांत संस्थाओं के कार्य को संतोषप्रद पाया और अपेक्षा की गई कि भविष्य में भी यही स्तर बनाए रखा जाए।

निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्य संतोष जोशी, श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव, श्रीमती धनेश्वरी वर्मा सहित संबंधित संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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