उप संभाग क्रमांक–2 का जल संसाधन कार्यालय बदहाली का शिकार, जर्जर भवन, टूटा मार्ग और झाड़ियों में घिरा दफ्तर…. देखें वीडियो


जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर जिले के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी, उप संभाग क्रमांक–2 का कार्यालय इन दिनों बदहाल स्थिति में है। वर्षों से संचालित यह कार्यालय आज भवन की जर्जर हालत, चारों ओर उगी घनी झाड़ियों, बड़े-बड़े पेड़ों और अत्यंत खराब आवागमन मार्ग के कारण अपनी दुर्दशा स्वयं बयान कर रहा है।
कार्यालय भवन की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि उसकी सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आता। परिसर के भीतर और आसपास खरपतवार एवं पेड़ों का अतिक्रमण हो चुका है। भवन के पास अंग्रेजी शासनकाल की पुरानी गाड़ियां कबाड़ में तब्दील होकर पड़ी हैं, जहां कीड़े-मकोड़े और जहरीले जीव पनप रहे हैं, जो कर्मचारियों के लिए भी खतरा बने हुए हैं।
परिसर में स्थित एक गोदामनुमा भवन वर्षों से उपेक्षा का शिकार है, जो कभी-कभार ही खोला जाता है। इसके बावजूद इसी जर्जर ढांचे के बीच विभागीय कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और कार्यालय को सुचारू रूप से संचालित कर रहे हैं।
कार्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी सड़क और अव्यवस्थित प्रवेश द्वार आमजन और कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। प्रवेश द्वार के पास हमेशा एक वाहन खड़ा रहने से आवाजाही और अधिक बाधित होती है।
कर्मचारियों द्वारा कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित उच्च अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक न तो भवन की मरम्मत हुई और न ही सड़क की स्थिति में कोई सुधार देखने को मिला है। अधिकारी आते-जाते रहे, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बस्तर जिले का जल संसाधन विभाग सिंचाई, जल प्रबंधन और विकास से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करता है। ऐसे में इस विभाग का कार्यालय स्वयं जर्जर अवस्था में होना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है।
अब आवश्यकता है कि संबंधित अधिकारी और विभागीय जिम्मेदार इस ओर गंभीरता से ध्यान दें और भवन की मरम्मत, परिसर की सफाई तथा आवागमन मार्ग के सुधार की तत्काल व्यवस्था करें, ताकि कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में कार्य कर सकें और विभागीय कार्यों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
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