छत्तीसगढ़

कम टोकन कटने से भड़के किसान, गारावण्डकला में किसान कांग्रेस के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य और किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप रहे मौजूद…देखें वीडियों

जगदलपुर (प्रभात क्रांति) । बस्तर जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में चल रही धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। प्रशासनिक लापरवाही और सीमित टोकन जारी किए जाने के विरोध में किसान कांग्रेस के नेतृत्व में आज सुबह 7 बजे से ग्राम गारावण्डकला (माडपाल लेम्पस अंतर्गत) खरीदी केन्द्र में धरना प्रदर्शन शुरू किया गया।

धरना प्रदर्शन में पूर्व विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य एवं किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप किसानों के साथ धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप है कि टोकन कम काटे जाने और प्रतिदिन की खरीदी सीमा कम होने के कारण वे धान बेचने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

प्रशासन मौके पर पहुंचा, दिया गया 2 दिन का अल्टीमेटम

धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नगरनार संतोष सिंह एवं जगदलपुर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और कांग्रेस पदाधिकारियों से चर्चा की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दो दिवस के भीतर टोकन बढ़ाने और धान खरीदी की गति तेज नहीं की गई, तो इसके लिए शासन-प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि धान खरीदी को लेकर सरकार और प्रशासन का रवैया पूरी तरह से किसान विरोधी है। कम टोकन काटकर और प्रतिदिन खरीदी की सीमा घटाकर किसानों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों का धान तैयार होकर खरीदी केंद्रों में पड़ा है, वे रोज उम्मीद लेकर धान खरीदी केन्द्र में उनका धान विक्रय हो जायेगा, लेकिन उन्हें कभी ”आज नहीं, कल आना“ तो कभी ”टोकन खत्म हो गया“ कहकर लौटा दिया जाता है।

सुशील मौर्य ने कहा कि यह तानाशाही व्यवस्था है, जो किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है। किसानों ने मेहनत कर फसल उगाई है, अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह एक-एक दाना खरीदे। यदि दो दिवस के भीतर टोकन बढ़ाने और खरीदी प्रक्रिया को सुचारू नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी और किसान कांग्रेस बस्तर जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में तालाबंदी करेगी। इसके बाद होने वाले किसी भी आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि साय सरकार ने धान खरीदी की प्रतिदिन की सीमा घटाकर किसानों के साथ खुला अन्याय किया है। पहले जहां पर्याप्त मात्रा में धान खरीदा जाता था, वहीं अब 400 क्विंटल प्रतिदिन की सीमा तय कर किसानों को लाइन में खड़ा कर दिया गया है। इससे किसान मानसिक, आर्थिक और शारीरिक रूप से परेशान हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि प्रतिदिन की खरीदी सीमा को कम से कम 800 क्विंटल किया जाए, ताकि सभी किसानों का धान समय पर खरीदा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने दो दिनों के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर पूरे जिले में धान खरीदी ठप कराने का आंदोलन करेगी। यह लड़ाई किसानों के हक और सम्मान की है, और कांग्रेस पार्टी इसे अंत तक लड़ेगी।

किसानों ने बताया कि उन्हें 10 दिसंबर का टोकन दिया गया था, लेकिन जब वे खरीदी केंद्र पहुंचे तो उन्हें 6 जनवरी को आने को कहा गया। बार-बार तारीख बदलने और अनिश्चितता के कारण किसान मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान हैं, जिससे वे आंदोलन करने को मजबूर हो गए हैं।

प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि किसानों की मांगों को कलेक्टर के समक्ष रखा जाएगा, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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