पैसों के अभाव में अटकी जल जीवन मिशन योजना वर्षों से स्वीकृत कार्य अधूरे, ई.ई हरि सिंह ठाकुर ने भी मानी वित्तीय कमी…..

जगदलपुर(प्रभात क्रांति) । केन्द्र सरकार की महत्वूपर्ण योजना जल जीवन मिशन योजना (जे.एम.जे.) बस्तर जिले में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना अब संसाधनों के अभाव में सुस्त पड़ती नजर आ रही है । कभी ग्रामीणों की उम्मीदों का केंद्र रही यह महत्वाकांक्षी योजना कई ग्राम पंचायतों में अधूरी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को अब भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है ।
शुरूआत में केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी उत्साह था और कार्य भी तेज गति से शुरू हुआ था, परंतु समय के साथ कार्य रुकने लगे । कई स्थानों पर टंकियां अधूरी हैं, पाइपलाइन पूर्व में बिछी होने के बावजूद भी जल आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। बस्तर जैसे दूरस्थ अंचलों में आज भी कई गांवों के लोग हैंडपंप, कुएं और प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं ।
इसी तारतम्य में जनपद पंचायत बकावंड अंतर्गत ग्राम गुमडेल में पेयजल टंकी निर्माण और नल-जल आपूर्ति शुरू न होने को लेकर विभागीय अधिकारी ई.ई. हरि सिंह ठाकुर से फोन पर चर्चा की गई । उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि योजना में कार्य रुकने का मुख्य कारण वित्तीय अभाव है । उनके अनुसार ”सरकार से पर्याप्त राशि जारी नहीं होने के कारण कई काम अधूरे हैं । यह ठेकेदार या कर्मचारियों की गलती नहीं, बल्कि बजट की कमी के चलते कार्य प्रभावित हुआ है ।“
स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना की घोषणा के बाद उम्मीद जगी थी कि वर्षों पुरानी पानी की समस्या खत्म होगी, लेकिन डबल इंजन के सरकार के बावजूद भी इस महत्वूपर्ण कार्य लंबित रहने से लोगों में निराशा बढ़ रही है । ग्रामीणों ने शासन में बैठे मंत्रियों से मांग की है कि आवश्यक बजट जारी कर कार्यों को शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि जल जीवन मिशन का उद्देश्य धरातल पर साकार हो सके और ग्रामीणों को नियमित स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके ।





