विषय: शांति की ओर बढ़ते बस्तर में शिक्षा–स्वास्थ्य–रोजगार को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता — महेश स्वर्ण


जगदलपुर (प्रभात क्रांति) । भारत को आज़ाद हुए दशकों बीत चुके हैं, किंतु यह एक ऐतिहासिक सत्य है कि बस्तर संभाग लंबे समय तक शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा। मूलनिवासी समाज के लिए अभाव ही जीवन की नियति बना रहा। बीते लगभग पाँच दशकों तक नक्सलवाद–माओवाद की हिंसा ने बस्तर के विकास को गंभीर रूप से बाधित किया, जिससे क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक प्रगति थम-सी गई।
लेबर पार्टी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष महेश स्वर्ण “एबोरिजिनल ट्राइब्स!” ने कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार में माननीय गृहमंत्री अमित शाह जी तथा राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जी के दृढ़ संकल्प और सुरक्षा प्रयासों के कारण बस्तर संभाग पुनः शांति की ओर अग्रसर हो रहा है। यह बस्तर के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
महेश स्वर्ण ने कहा कि अब आवश्यकता है कि इस शांति को केवल सुरक्षा तक सीमित न रखते हुए, विकास और अधिकारों से जोड़ा जाए। पाँचवीं अनुसूचित क्षेत्र में शांति का स्वागत तभी सार्थक होगा जब उसके साथ—
युवाओं को स्थानीय रोजगार,
सुदूर अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,
मजबूत और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ,
तथा पलायन रोकने के लिए स्थायी आजीविका के साधन सुनिश्चित किए जाएँ।
उन्होंने कहा कि बस्तर और बस्तरिया का वास्तविक विकास तभी संभव है जब मूलनिवासियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के साथ सम्मानजनक जीवन मिले। केवल शांति नहीं, बल्कि सुरक्षित, संरक्षित और आत्मनिर्भर बस्तर ही स्थायी समाधान है ।
लेबर पार्टी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार से आग्रह करती है कि शांति के इस अवसर को ऐतिहासिक मोड़ बनाते हुए पाँचवीं अनुसूची की भावना के अनुरूप विकास नीति लागू की जाए, ताकि बस्तर संभाग वास्तव में देश की मुख्यधारा से सम्मान के साथ जुड़ सके।
“शांति के साथ विकास, और विकास के साथ अधिकार — यही बस्तर का भविष्य है।”
महेश स्वर्ण
“एबोरिजिनल ट्राइब्स!”
प्रदेश अध्यक्ष, लेबर पार्टी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़
प्रत्याशी, लोकसभा क्षेत्र क्रमांक 09 महासमुंद (छ.ग.)





