छत्तीसगढ़

संसदीय संकुल विकास परियोजना के तहत ‘युवा चेतना कार्यक्रम’ की शुरुआत, सांसद महेश कश्यप ने पिछड़े क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को योजनाओं से जोड़ने का किया आह्वान… देखें वीडियो 

जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से “संसदीय संकुल विकास परियोजना” के अंतर्गत “युवा चेतना कार्यक्रम” की शुरुआत की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में निवासरत लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

इसी कड़ी में विकासखंड बकावंड के दूरस्थ ग्राम मोहलई में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, सचिवों, महिला समूहों एवं ग्रामीणों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के दशकों बाद पहली बार किसी जनप्रतिनिधि द्वारा गांव पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और लोगों को उनके अधिकारों तथा लाभों के प्रति जागरूक किया गया।

सांसद महेश कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब अंतिम व्यक्ति तक उनकी पहुंच सुनिश्चित हो। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान 29 विभागों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई, ताकि पात्र हितग्राही उनका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई लोग योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, इसलिए जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सीधे जोड़ा जा रहा है।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती भद्रे, उपाध्यक्ष तरुण पांडेय, संगठन के अध्यक्ष परेश बेसरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर क्षेत्र के विकास, रोजगार सृजन और स्वावलंबन की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया।

सांसद कश्यप ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक संसाधनों और वन उपज से समृद्ध क्षेत्र है। इमली, महुआ, टोरा एवं अन्य वन उत्पादों के प्रसंस्करण के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने इमली प्रोसेसिंग यूनिट, टोरा तेल घानी और लघु उद्योगों की स्थापना पर जोर देते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा।

उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों से भी आगे आकर शासन की योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। सांसद ने कहा कि छोटे-छोटे समूह भी स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। युवा चेतना कार्यक्रम के माध्यम से बस्तर के दूरस्थ गांवों में विकास, जागरूकता और आत्मनिर्भरता का नया संदेश पहुंचाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।

देखें वीडियो –

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