धान खरीदी को लेकर भाजपा सरकार पर किसान कांग्रेस का हमला, कहा– जटिल नियमों में उलझाकर किसानों को किया जा रहा गुमराह – दयाराम कश्यप


जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। भारतीय किसान कांग्रेस के नेता दयाराम कश्यप ने धान खरीदी की नई प्रक्रिया को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नीयत किसानों के हित में नहीं दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी की प्रक्रिया को सरल बनाने के बजाय सरकार लगातार नए-नए नियम और तकनीकी प्रक्रियाएं लागू कर किसानों को परेशान कर रही है। एग्रीटेक जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं के जरिए किसानों को योजनाओं के नाम पर गुमराह किया जा रहा है।
दयाराम कश्यप ने कहा कि पहले किसान अपनी भूमि का एग्रीटेक कराकर आसानी से धान बेच लेते थे, लेकिन अब यदि एक ही खसरा नंबर में पांच हिस्सेदारों के नाम दर्ज हैं, तो सभी पांचों का एग्रीटेक कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी कारणवश एक भी हिस्सेदार का एग्रीटेक नहीं हो पाता, तो पूरे परिवार की धान खरीदी रोक दी जाती है। उनका कहना है कि यह नियम किसानों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का कारण बन गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई किसान रोजगार, व्यवसाय या अन्य कारणों से गांव से बाहर रहते हैं। ऐसे में किसी एक हिस्सेदार के अनुपस्थित रहने पर पूरे परिवार को धान बेचने से वंचित होना पड़ रहा है। किसान कांग्रेस का कहना है कि सरकार को ऐसी जटिल व्यवस्था लागू करने के बजाय किसानों के लिए सरल और व्यवहारिक नीति बनानी चाहिए।
दयाराम कश्यप ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसानों को इस तरह की जटिल प्रक्रियाओं का सामना नहीं करना पड़ता था। उन्होंने भाजपा सरकार से धान खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने, लैम्पसों में भंडारण एवं संधारण की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने और किसानों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
भाजपा नेताओं का कहना है कि सभी हिस्सेदारों का एग्रीटेक अनिवार्य करने से धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गलत तरीके से धान बेचने की संभावना समाप्त होगी। उनका तर्क है कि एक खसरा नंबर से जुड़े सभी दर्ज व्यक्तियों का सत्यापन होने से खरीदी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और विवादमुक्त बनेगी।




