छत्तीसगढ़

बीजापुर में नक्सली पीड़ितों का हल्ला बोल, 20 साल से घर में रहने के बाद भी पट्टा नहीं, नगरपालिका घेरी, विधायक मंडावी बोले: गरीब परिवार 20 साल से यहीं बस चुके हैं, सरकार तत्काल स्थाई पट्टा दे, घर है, पट्टा नहीं… सलवा जुडूम के पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन 

बीजापुर (प्रभात क्रांति)।  नगर पालिका परिषद बीजापुर के विभिन्न वार्डों के निवासियों ने मंगलवार को स्थाई राजस्व पट्टा दिलाने की मांग को लेकर नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बीजापुर को ज्ञापन सौंपकर कहा कि वे दो दशक से बीजापुर शहर में रह रहे हैं लेकिन सरकार नक्सली पीड़ित परिवारों को अब भी घर-बाड़ी का पट्टा नहीं दे रही है। उल्टे समय-समय पर घर खाली करने और घर तोड़ने के नोटिस दिए जा रहे हैं। जिससे नक्सली पीड़ित परिवार मानसिक और आर्थिक रूप परेशान है।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2005 में नक्सल हिंसा से परेशान और भयभीत होकर सलवा जुडूम के दौरान ये परिवार अपने गांव छोड़कर बीजापुर आए थे। तब से वे वार्ड क्रमांक 1, 7, 8, 9, 10, 11 एवं 12 में घर बनाकर निवासरत हैं और यहीं मजदूरी व छोटे काम-धंधे से जीवन-यापन कर रहे हैं। बीस वर्ष बीत चुके हैं, बच्चे यहीं बड़े हुए हैं, फिर भी राजस्व विभाग या नगरपालिका की ओर से स्थाई पट्टा नहीं दिया गया।

वार्डवासियों का कहना है कि नगर पालिका परिषद उनके घरों को अवैध बताकर तोड़ने की कार्रवाई करती है और बार-बार बेदखली के नोटिस जारी करती है। इससे वे दहशत में है। नक्सली पीड़ित परिवारों ने ज्ञापन में लिखा “वर्षों से बने हुए घर को छोड़कर वे जाएंगे कहाँ?”

इसके साथ ही ज्ञापन में नगर पालिका परिषद बीजापुर के वार्ड क्रमांक 1, 7, 8, 9, 10, 11 एवं 12 में वर्षों से घर बनाकर रह रहे परिवारों को राजस्व पट्टा दिए जाने और पीड़ितों को पट्टा दिए जाने तक घरों की तोड़-फोड़ और बेदखली की कार्रवाई पूरी तरह रोके जाने की मांग की है।

प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे अवैध कब्जा करने नहीं आए, बल्कि नक्सल आतंक के कारण जान बचाकर बीजापुर आए।

वहीं बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि सलवा जुडूम अभियान के समय से, वर्ष 2005 से ये नक्सली पीड़ित परिवार बीजापुर में स्थाई रूप से बस चुके हैं। ये गरीब और मजदूर परिवार के लोग हैं और वे सभी अलग-अलग वार्डों में मकान बनाकर अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रहे है। बीस वर्ष से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी सरकार ने इन्हें पट्टा नहीं दिया, यह अन्याय है।

विधायक ने सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत देते हुए स्थाई राजस्व पट्टा प्रदाय किया जाए और तब तक किसी भी घर को नहीं तोड़ा जाए। नक्सल पीड़ित परिवारों कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन और किया जाएगा।

इस दौरान जिला काँग्रेस कमेटी अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्या श्रीमती नीना रावतिया, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, सुखदेव नाग, बेनहुर रावतिया, वेणुगोपाल राव, इम्तियाज खान, प्रवीण डोंगरे, कलाम खान, शेख रजिया, संजना चौहान, सतेंद्र पंथ,संतोष गुप्ता, श्यामू गुप्ता, बाबूलाल राठी, जगदीश चापड़ी, सुशीला हपका, गंगा मंडावी, जीवन सिरसान, गीता कमल, पार्षद बबिता झाड़ी, कविता यादव, संगीता नाग, सरस्वती मण्डल, टी हेमंत, मगराज खत्री, गुड्डू कोरसा, बलराम कोरसा, लक्ष्मण कोरसा, वीरेंद्र ठाकुर, रामकुमार दुर्गम, लिलेंद्र दुर्गम, सम्मा हेमला, राजा गुप्ता, जगदीस सेन, नवनीत नायडू, रोहित, पिलीप सोढ़ी, संतोष कुरशम, रवि कावरे सहित बड़ी संख्या में नक्सल पीड़ित परिवार के लोग व आम जनता शामिल हुए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button