विकास की आड़ में भ्रष्टाचार का खेल — ग्राम पंचायत तुंगापाल में अनियमितताओं से ग्रामीण परेशान, पूर्व सरपंच और सचिव पर गंभीर आरोप, अधूरे कार्यों और राशि गबन को लेकर जांच की मांग तेज….


जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर जिले के जनपद पंचायत बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तुंगापाल में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। पंचायत में वर्ष 2022 से 2025 तक विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये की राशि खर्च दिखाकर अधूरे कार्य छोड़ दिए गए हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत तुंगापाल के पूर्व सरपंच और पूर्व सचिव लिंगोराम के कार्यकाल में विकास की आड़ में भ्रष्टाचार का खेल चला, जिसमें योजनाओं की राशि तो निकाल ली गई, लेकिन जमीनस्तर पर काम पूरा नहीं हुआ।
ग्राम पंचायत के सामने किए जाने वाले मिट्टी पटाई कार्य, सार्वजनिक शौचालय निर्माण, शौचालय की टंकी, ग्राम पंचायत में भवन के अधूरे कार्य और व्यवसायिक परिसर के विकास कार्य सभी अधूरे पड़े हैं। इन सभी कार्यों के लिए राशि आहरित की जा चुकी है, पर कार्य स्थल पर निर्माण अधूरा है। यह स्थिति साफ दर्शाती है कि विकास की बात करने वाले ही स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार फैलाकर जनहित के कार्यों में रुकावट डाल रहे हैं।
पूर्व सरपंच और सचिव लिंगोराम के कार्यकाल में पंचायत निधियों का दुरुपयोग किया गया। कार्यों में पारदर्शिता नहीं रखी गई और 15वें वित्त आयोग की राशि का भी मनमाने ढंग से उपयोग किया गया।
पूर्व सरपंच के पद छोड़ने के तुरंत बाद पूर्व सचिव का तबादला अन्य ग्राम पंचायत में कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों में और संदेह गहराया है। वर्तमान ग्राम पंचायत अब उन्हीं अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए फिर से राशि निकाल रहा है, जबकि पूर्व में किए गए खर्च का कोई लेखा-जोखा नहीं लिया गया।

ग्रामवासी अब खुलकर पूर्व सरपंच और सचिव की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक पूर्व कार्यों की जांच नहीं किया जाएगा, तब तक नए कार्यों की स्वीकृति देना उचित नहीं है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में स्वतंत्र जांच समिति गठित कर गबन की राशि की जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत में विकास की चर्चा तो बहुत होती है, पर वास्तव में विकास कार्यों को स्वार्थ और भ्रष्टाचार की मानसिकता ने जकड़ लिया है। जिन योजनाओं से जनता को लाभ मिलना था, वही योजनाएं अब धन हेराफेरी का माध्यम बन गई हैं। जब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक तुंगापाल पंचायत में वास्तविक विकास की उम्मीद अधूरी ही रहेगी।





