तोंगकोंगेरा नवीन बालक छात्रावास में अव्यवस्थाओं का अंबार, भवन अधूरा, टूटी सुविधाओं के बीच भविष्य संवार रहे छात्र… देखें वीडियो –


जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तोंगकोंगेरा स्थित नवीन बालक छात्रावास इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। करीब दो वर्ष पहले छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छात्रावास का शुभारंभ किया गया था, लेकिन आज भी इसका स्थायी भवन अधूरा पड़ा है। ऐसे में छात्र अस्थायी व्यवस्था के तहत वन विभाग के भवन में रहने को मजबूर हैं। 
यह छात्रावास का उद्घाटन कांग्रेस सरकार के अंतिम कार्यकाल में किया गया था। भवन निर्माण पूरा नहीं होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में वन विभाग के भवन में छात्रावास संचालित किया जा रहा है। दो वर्ष बीत जाने के बाद भी नया भवन तैयार नहीं हो सका, जिससे छात्र आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में रह रहे हैं।
छात्रावास में करीब 50 छात्र निवास कर रहे हैं, लेकिन उपलब्ध संसाधन उनकी संख्या के अनुरूप नहीं हैं। कमरों में जगह की कमी के कारण दो-दो छात्रों को एक ही बेड पर सोना पड़ रहा है। कई बेड जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिनकी मरम्मत या बदलाव की आवश्यकता है। छात्रावास के शौचालय भी टूट-फूट की स्थिति में हैं सैप्टिक टंकी भी भर चुका है और कई जगह कीचड़ होने से जगह उपयोग योग्य नहीं बचे हैं, छात्रावास के चारों ओर गंदगी फैली हुई है जिससे छात्रों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा छात्रावास में साफ-सफाई, रखरखाव और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव दिखाई देता है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से पढ़ाई के लिए आए छात्र विपरीत परिस्थितियों में रहकर अपनी शिक्षा जारी रखने को मजबूर हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जब छात्रावास का उद्देश्य बच्चों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है, तब ऐसी अव्यवस्थाएं उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।
राज्य सरकार और संबंधित विभाग को तोंगकोंगरा नवीन बालक छात्रावास का अधूरा भवन शीघ्र पूरा कराय जाने की आवश्यकता है तथा छात्रों के लिए पर्याप्त बेड, मरम्मत किए गए शौचालय, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं । बच्चों को बेहतर आवासीय और शैक्षणिक वातावरण मिलेगा तभी वे मन लगाकर पढ़ाई कर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकेंगे।
इस संबंध में छात्रावास अधीक्षक धनेश्वर कश्यप ने बताया कि वे विद्यालय में शिक्षक होने के साथ-साथ छात्रावास के अधीक्षक का दायित्व भी निभा रहे हैं। छात्रावास में उनके रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें प्रतिदिन अपने घर से आना-जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि छात्रावास की समस्याओं से विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी अवगत हैं। हाल ही में स्थानीय विधायक लखेश्वर बघेल ने भी छात्रावास का निरीक्षण किया था और परिसर में जलभराव की समस्या को देखते हुए छात्रावास के सामने मुरूम डलवाने के लिए सरपंच को निर्देशित किया था, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ।
धनेश्वर कश्यप ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद वे अपने सहयोगियों के साथ छात्रावास की व्यवस्था बेहतर बनाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले छात्रावास में फैली गंदगी के कारण कई छात्र बुखार, सिरदर्द, मलेरिया जैसी बीमारियों से पीड़ित हो गए थे, जिनका उपचार स्थानीय अस्पताल में कराया गया। उन्होंने शासन-प्रशासन से छात्रावास की मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण मिल सके।
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