बैलाडीला खदान क्षेत्र में विश्वकर्मा पूजा के लिए पहल स्वागत योग्य, अब बस्तर के बेरोजगार युवाओं और प्रभावित ग्रामीणों के रोजगार-अधिकार पर भी सांसद पहल करें — महेश स्वर्ण


जगदलपुर(प्रभात क्रांति)। बस्तर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप द्वारा विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर बैलाडीला खदान क्षेत्र को खोलने की पहल की जानकारी सामने आने पर लेबर पार्टी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष महेश स्वर्ण “एबोरिजिनल ट्राइब्स!” ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए कहा है कि बस्तर की जनता को अपने औद्योगिक एवं खनिज क्षेत्रों को देखने-समझने का अवसर मिलना अच्छी बात है।
लेकिन बस्तर का बेरोजगार युवा यह भी जानना चाहता है कि NMDC की परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं के रोजगार, L-1/L-2 भर्ती, कौशल विकास और प्रभावित ग्रामीणों की भागीदारी के लिए सांसद महोदय कब उसी गंभीरता से पहल करेंगे?
महेश स्वर्ण ने कहा कि बैलाडीला केवल खनिज संपदा का क्षेत्र नहीं है। यह बस्तर के प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय समुदायों, किसानों, मजदूरों और युवाओं के जीवन से जुड़ा हुआ क्षेत्र है। इसलिए खदान से होने वाले आर्थिक लाभ में स्थानीय लोगों की भागीदारी, रोजगार के अवसर, पुनर्वास एवं प्रभावित क्षेत्रों के विकास जैसे विषय भी सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा होने चाहिए।
उन्होंने सांसद से सवाल किया—
“विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर बस्तरवासियों के लिए खदान का गेट खुल सकता है, तो बस्तर के योग्य बेरोजगार युवाओं के लिए NMDC की परियोजनाओं में रोजगार के अवसरों का गेट कब खुलेगा?”
महेश स्वर्ण ने कहा कि स्थानीय युवाओं को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि भर्ती की स्पष्ट जानकारी, पारदर्शी चयन प्रक्रिया, कौशल प्रशिक्षण और उपलब्ध रोजगार अवसरों तक समान पहुंच चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग की कि सांसद महोदय NMDC प्रबंधन के साथ बैठक कर निम्न विषयों पर स्पष्ट पहल करें—
1. NMDC परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं के उपलब्ध रोजगार अवसरों की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
2. L-1/L-2 तथा अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में पात्र स्थानीय युवाओं को अवसर दिलाने के लिए वैधानिक एवं नीतिगत स्तर पर पहल की जाए।
3. स्थानीय युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार-उन्मुख प्रशिक्षण केंद्रों को मजबूत किया जाए।
4. खनन परियोजनाओं से प्रभावित गांवों की समस्याओं और विकास आवश्यकताओं पर नियमित संवाद हो।
5. स्थानीय लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार संबंधी समस्याओं पर NMDC की सामाजिक दायित्व योजनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
6. खनन एवं प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े निर्णयों में लागू संवैधानिक एवं वैधानिक प्रावधानों तथा ग्रामसभा की भूमिका का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
7. स्थानीय बेरोजगारों और प्रभावित ग्रामीणों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित जनसंवाद की व्यवस्था की जाए।
महेश स्वर्ण ने कहा कि बस्तर की खनिज संपदा का विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब उसके लाभ में बस्तर के मूलनिवासी और स्थानीय युवा भी सम्मानजनक हिस्सेदारी प्राप्त करें।
उन्होंने सांसद महेश कश्यप से अपील करते हुए कहा कि विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर खदान क्षेत्र खोलने की पहल के साथ-साथ बस्तर के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का रास्ता खोलने और प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को NMDC प्रबंधन के सामने मजबूती से रखने की पहल भी करें।
उन्होंने कहा—
«“बस्तर को केवल खदान देखने का अवसर नहीं चाहिए; बस्तर को खनिज संपदा से रोजगार, विकास और सम्मानजनक भागीदारी चाहिए।”»




