छत्तीसगढ़

बाल अधिकार सप्ताह का भव्य समापन, विज्ञान प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पोषण जागरूकता का सुंदर संगम, 20 ग्राम पंचायतों की सहभागिता, 500 से अधिक बच्चों की उपस्थिति; विज्ञान मॉडल, बाल-विवाह निषेध नाटक और फूड फेयर ने बढ़ाया कार्यक्रम का आकर्षण

जगदलपुर(प्रभात क्रांति)। बस्तर सामाजिक जन विकास समिति द्वारा जगदलपुर ब्लॉक के 20 ग्राम पंचायतों में संचालित चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत 14 से 20 नवंबर तक मनाए गए ‘बाल अधिकार सप्ताह’ का समापन समारोह ग्राम बिलोरी के मिनी स्टेडियम में अभूतपूर्व उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ।

इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य अतिथियों तथा 500 से अधिक बच्चों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बना दिया। समिति द्वारा 0 से 24 वर्ष आयु वर्ग के 911 बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण तथा आजीविका से संबंधित सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं।

समापन समारोह की शुरुआत बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई। बाल विवाह निषेध विषय पर तैयार एक प्रभावशाली नाटक ने उपस्थित जनसमूह को जागरूक करते हुए समाज में सकारात्मक संदेश दिया।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा विज्ञान प्रदर्शनी, जिसमें स्कूली बच्चों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, नवाचार आधारित परियोजनाएँ और मॉडल प्रस्तुत कर अतिथियों एवं अभिभावकों की खूब सराहना बटोरी। इसी क्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पोषण जागरूकता पर आधारित पौष्टिक उत्पादों का प्रदर्शन किया। बच्चों के लिए आयोजित मिनी फूड फेयर में पारंपरिक एवं पौष्टिक व्यंजनों का स्वाद सभी को भाया।

विभिन्न खेल गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए।

समारोह में बाल कल्याण समिति, बस्तर के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्राही, सदस्य रामकृष्ण ठाकुर, श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव, श्रीमती धनेश्वरी वर्मा, छत्तीसगढ़ पेंशन धारी कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष के.के. द्विवेदी, संभाग अध्यक्ष जी.एस. पाण्डेय, श्री महतो, श्री कुडकुडे, श्री भदौरिया, जिला बाल संरक्षण अधिकारी विजय शंकर शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संजय बसाख, जिला टीबी अधिकारी सी. मैत्री, सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं शिक्षक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संगठन प्रमुख डॉ. सुशील कुमार पाण्डेय के दूरदर्शी नेतृत्व और संगठन के सतत सामाजिक योगदान की सराहना की।

समिति के संस्थापक एवं सचिव डॉ. सुशील कुमार पाण्डेय ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संगठन पिछले 25 वर्षों से बस्तर की जनजातीय समुदाय की सेवा कर रहा है। बच्चों की मुस्कान और उनका विकास ही हमारी वास्तविक सफलता है। ‘चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम’ सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि हमारा सपना है कि हर बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा मिले। विज्ञान प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों की प्रतिभा देखकर विश्वास होता है कि यही बच्चे भविष्य के सुनहरे भारत की नींव हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में नारायण पंथ, गौरव पाण्डेय, रामेश्वर जोशी, हरि, खुशबू, सरिता, जमली कर्मा, ज्योत्सना, इंटेश, सुचित्रा, विनोद, गुड़िया सलाम तथा समिति के सभी कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। उनके अथक प्रयासों से यह आयोजन सामाजिक चेतना और बाल अधिकारों की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में स्थापित हुआ।

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