छत्तीसगढ़

जनपद प्राथमिक एवं जनपद माध्यमिक शाला बीजापुर ने संयुक्त रुप से मनाई मिसाइल मैन महामहिम पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती  – देखें वीडियो –     

बीजापुर(प्रभात क्रांति) । दिनांक 15.10.2026 को जनपद प्राथमिक शाला बीजापुर एवं जनपद माध्यमिक शाला बीजापुर के छात्र-छात्राओं द्वारा पूर्व मिसाइल मैन महामहिम पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गई । सर्वप्रथम उनके छायाचित्र पर छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्जलित किया गया । संस्था के छात्र -छात्राओं विनोद तेलम संदीप कुड़ियम, अनुज उईका, विकास कुड़ियम, कुमारी प्रियंका साहू,कुमारी आमना खातून,हुसैन खान, लव्यांश एण्ड्रिक, कुमारी अश्वनी फूलमाद्री, रिजवान बेग, आशीष कोरसा प्रदीप वाचम आदि ने उनके जीवनी पर प्रकाश डाला ।बच्चों ने बड़ी ही रुचि लेकर उनके बारे में बताया ।

अंत में संस्था के शिक्षक कैलाश रामटेके द्वारा विस्तार पूर्वक उनकी जीवनी के बारे में छात्र-छात्राओं को अवगत कराया कि 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक छोटे से गरीब परिवार में उनका जन्म हुआ हाई स्कूल की शिक्षा ग्रहण करने के बाद 1960 में उनका चयन एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के लिए हुआ जहां से उन्होंने अपनी वैमानिकी इंजीनियरिंग पूरी की । इसके बाद 1964 में भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी 3 को 1980 में अपनी कक्ष में स्थापित किया ।

1984 में वे डी आर डी ओ से जुड़े मिसाइल प्रोग्राम में अपनी अहम भूमिका निभाई वा ईसरो मे भी योगदान दिया ।उनके नेतृत्व में भारत ने पांच मिसाइल बनाई अग्नि,पृथ्वी,आकाश, नाग एवं त्रिशूल इसके कारण उन्हें भारत का मिसाइल मैन कहा गया । जब विदेशी ताकते भारत पर आक्रमण की सोच रहे थे तब उन्होंने 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी ओर आकर्षित किया और दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत परमाणु संपन्न देश है। अब भारत को कोई कमजोर देश ना समझे । 2002 से लेकर 2007 तक हुए भारत के 11 वें राष्ट्रपति बने । वे अवसर युवाओं से संवाद करना पसंद करते थे देश की समस्याओं पर उनसे चर्चा करते थे उनका सपना था विजन 2020 इस पर उन्होंने अपनी किताब भी लिखी है । देश के युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा था सपने वह नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं सपने वह हैं जो हमें सोने नहीं देते हमेशा ऊंचे सपने देखें और उन्हें पाने के लिए जी तोड़ मेहनत करें ।

भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आप क्या कर सकते हैं वे अक्सर युवाओं से कहते थे । 27 जुलाई 2015 को शाम को भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलांग मेघालय मे “रहने योग्य पृथ्वी “पर व्याख्यान दे रहे थे इसी समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे मंच पर गिर पड़े उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया । हम सभी को उनसे प्रेरणा लेकर देश के उत्थान में हम किस प्रकार सहभागी बने या ऐसा क्या काम करें जिससे हमारा देश आगे तरक्की कर सके । कार्यक्रम को सफल बनाने मे संस्था के सुश्री रजनी लता सिंह एवं सुरेश कुमार नरेटी शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। संचालन छात्र नायक राजू गटपल्ली द्वारा किया गया ।

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