अरनौ तूफान से कुरूषपाल में बाढ़ की भारी तबाही, 80 से 100 घर प्रभावित, स्कूलों में शरण लेकर गुजर रही पीड़ितों की जिंदगी, सड़क पर घायल ग्रामीणों का वीडियों बनाते रहने मदद नही करने पर ग्रामीणों ने की निंदा…. देखें वीडियो –


जगदलपुर (प्रभात क्रांति) । अरनौ तूफान के प्रभाव से हुई भारी बारिश और इंद्रावती नदी में बढ़े जलस्तर के बीच खातीगुड़ा डैम के गेट खोले जाने से आई बाढ़ ने ग्राम पंचायत गुमड़ेल के कुरूषपाल पारा में भारी तबाही मचाई है । स्थानीय लोगों के अनुसार यहां करीब 80 से 100 घर बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हुए हैं । बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी प्रभावित परिवारों की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं और कई परिवार अब भी स्कूल भवन एवं पंचायत भवन में शरण लेकर रहने को मजबूर हैं । पंचायत की ओर से प्रभावित लोगों के लिए भोजन एवं कुछ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि राहत एवं पुनर्वास के लिए अभी और सहायता की जरूरत है । 

बताया गया कि वर्ष 1986 के बाद क्षेत्र में इंद्रावती नदी का ऐसा रौद्र रूप देखने को मिला । कुरूषपाल के साथ मालगांव, डोंगरगुड़ा, स्कूलपारा एवं कोहकापाल के लिटीगुड़ा में भी बाढ़ का व्यापक असर रहा, वही डोंगरगुड़ा में जनपद सदस्य का मकान भी इस बाढ़ में ढ़ह गया । भस्केली और इंद्रावती नदी के तटीय क्षेत्र में आने वाले इन गांवों के अधिकांश परिवार खेती-मजदूरी पर निर्भर रहते हैं । ग्रामीणों के अनुसार रात के समय अचानक बढ़े पानी के कारण लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे भारी बारिश के बीच अपने घरों से निकलकर जान बचाने के लिए सुरक्षित जगह में भागने लगे ।


बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए ग्राम पंचायत के सरपंच पति रूपधर कश्यप, सचिव सोनाधर कश्यप, जनपद सदस्य जशकेतन जोशी, पत्रकार तरूण पाढ़ी ने सभी पीड़ित परिवारों को विस्थापना के लिए पंचायत भवन एवं हाईस्कूल भवन को खुलाकर उन्हें शरण दिलाया गया साथ ही उनके लिये खाने-पान एवं रहने की व्यवस्था की गई । कई परिवारों ने बताया कि वे जिस स्थिति में थे, उसी स्थिति में घर से निकल गए । वर्तमान में जलस्तर कम हुआ है, लेकिन बाढ़ से हुए नुकसान के कारण ग्रामीणों के सामने आवास, घरेलू सामान और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर बड़ी चुनौती बनी हुई है । प्रभावित परिवारों ने राहत, क्षति का आकलन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है ।

विगत रात इसी दौरान राहत शिविर के लिए डब्बा में पीने का पानी लेकर मोटरसाईल से लौट रहे दो युवक (विद्यार्थी) का सड़क पर चल रही एक महिला से टक्कर हो गया, जिससे दोनों युवक भरे पानी के साथ सड़क पर गिर गये और महिला भी गिर गई एवं लोगों को मदद के लिए आवाज लगाने लगे वही उपस्थित जय शंकर पांडेय (सीमा यादव हत्याकाण्ड अभियुक्त) वही पर खड़े होकर वीडियों बनाने लगे । ग्रामीणों के अनुसार मौके पर मौजूद आरोप है कि जय शंकर पांडेय मदद करने के बजाय घटना का वीडियो बनाना जारी रखा ।
कुछ देर बाद दोनों युवक ने खुद को संभालते हुए स्वयं महिला को मौके से उठाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ता के यहां पहुंचाया, जहां उसकी मरहम-पट्टी की गई । ग्रामीणों जय शंकर पांडेय के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जहां पत्रकार और समाजसेवी बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री एवं अन्य आवश्यक मदद पहुंचाने में जुटे हैं, वहीं आपदा की स्थिति में घायल महिला की तत्काल सहायता नहीं किया जाना चिंता का विषय है । ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में किसी घटना का वीडियो बनाने से पहले मानवीय सहायता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ।
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