पदेड़ा में ‘एसबीआई संजीवनी’ का जीवनरक्षक अभियान: 162 ग्रामीणों की जांच, 7 मलेरिया पॉजिटिव मरीज चिन्हित, गर्भवती महिला व 7 वर्षीय बालिका को 108 एम्बुलेंस से तत्काल जिला अस्पताल बीजापुर किया गया रेफर, शिखर युवा मंच और एसबीआई फाउंडेशन की पहल: मोबाइल मेडिकल यूनिट ने दूरस्थ अंचल में दी स्वास्थ्य सेवाएं

बीजापुर (प्रभात क्रांति) । दिनांक 21/9/26 को दूरस्थ वनांचल ग्राम पदेड़ा में स्वास्थ्य सेवा की एक अनुकरणीय और जीवनरक्षक पहल देखने को मिली। एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से शिखर युवा मंच (SYM) द्वारा संचालित एसबीआई संजीवनी क्लीनिक ऑन व्हील्स’ (मोबाइल मेडिकल यूनिट)द्वारा विशेषीकृत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। मलेरिया डिटेक्शन एवं ट्रीटमेंट पर केंद्रित इस शिविर में कुल 162 ग्रामीणों को निःशुल्क जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार का सीधा लाभ मिला।

समय पर जांच से बची जान 7 मिले मलेरिया पॉजिटिव
शिविर के दौरान मेडिकल टीम द्वारा 39 ग्रामीणों की मलेरिया रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) की गई, जिसमें 7 मरीज प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (PF Positive)पाए गए। इनमें पदेड़ा के 4, काकी कोरमा के 2 और सावनार का 1 मरीज शामिल है।
जांच में ग्राम पदेड़ा की 23 वर्षीय 7 माह की गर्भवती महिला और ग्राम काकी कोरमा की 7 वर्षीय मासूम बालिका मलेरिया पॉजिटिव पाई गईं। मामले की संवेदनशीलता और खतरे को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने तत्परता दिखाई और 108 एम्बुलेंस की मदद से दोनों को तत्काल बेहतर उपचार हेतु जिला अस्पताल, बीजापुर रेफर किया। वहीं अन्य पॉजिटिव मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चेरपाल भेजा गया।
एनीमिया और अन्य जटिल रोगों की भी पहचान
शिविर में कुल 88 लैब टेस्ट किए गए
एनीमिया जांच:42 ग्रामीणों के हीमोग्लोबिन टेस्ट में 20 मरीजों का Hb स्तर 10 gm/dl से कम पाया गया, जिन्हें पोषण परामर्श व दवाएं दी गईं।
रैंडम ब्लड शुगर (RBS) 7 लोगों की जांच की गई।
जटिल बीमारियां शिविर में क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का एक और पैर में गंभीर संक्रमण (Foot Infection) का एक मरीज चिन्हित हुआ, जिन्हें आगे के उच्च स्तरीय उपचार के लिए निर्देशित किया गया।
जनप्रतिनिधियों ने सराहा प्रयास, प्रशासन का मिला सहयोग
शिविर में ग्राम पदेड़ा की सरपंच श्रीमती मंजू कोरसा तथा बीजापुर जनपद उपाध्यक्ष दिनेश पुजारी की विशेष उपस्थिति रही। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच हेतु प्रेरित किया।
शिविर के सफल संचालन पर प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मुकेश मानिकपुरी ने जिला प्रशासन एवं शासकीय स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य अमले के तालमेल से ही गंभीर मरीजों का समयबद्ध रेफरल संभव हो सका। शिविर को सफल बनाने में डॉ. डी. वेन्नेला (एमओ), डॉ. लखन सिंह राजपूत, डॉ. गजेंद्र बारीक, स्टाफ नर्स सोनल नायक, लैब टेक्नीशियन मनोरमा उसेण्डी, फार्मासिस्ट सौंदर्या सोनला एवं पायलट सियाराम कुड़ियम ने सक्रिय भूमिका निभाई।




