छत्तीसगढ़

अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया… देखें वीडियो 

दंतेवाड़ा(प्रभात क्रांति) ।  पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन तथा एस डी ओ पी बारसूर गोविंद दीवान गीदम के पर्यवेक्षण एवं थाना प्रभारी गीदम अमित बेरिया के निर्देशन में पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर ठगी प्रकरण का खुलासा किया गया है।

प्रार्थी भूपेंद्र तेलामी निवासी ग्राम हारमपारा, गीदम द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा ऑनलाइन टास्क एवं निवेश के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा कराकर उसके साथ लगभग ₹61,06,592/- (इकसठ लाख छह हजार पांच सौ बानवे रुपये) की साइबर ठगी की गई है। शिकायत पर थाना गीदम में अपराध क्रमांक 27/2025 धारा 318(4) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल एवं पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर

विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण एवं अन्य राज्यों में जाकर की गई जांच से प्रकरण में प्रयुक्त बैंक खातों एवं मोबाइल नंबरों की जानकारी प्राप्त हुई। प्रकरण में शामिल कई आरोपियों को पूर्व में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली एवं केरल से गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा चुकी है। प्रकरण में शेष फरार आरोपियों की तलाश हेतु विशेष टीम गठित कर केरल राज्य रवाना किया गया।

विशेष टीम द्वारा सतत प्रयास कर निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया—

1.मुहम्मद नीजाज आर.एम., उम्र 21 वर्ष, निवासी जिला कोझिकोड (केरल)

2.अभिनव श्रीनिवास, उम्र 23 वर्ष, निवासी जिला कोझिकोड (केरल)

3.मुहम्मद साहिल, उम्र 21 वर्ष, निवासी जिला कोझिकोड (केरल)

पूछताछ एवं विवेचना में प्राप्त महत्वपूर्ण तथ्य

पूछताछ के दौरान आरोपी मुहम्मद नीजाज आर.एम. ने स्वीकार किया कि उसके नाम सहित विभिन्न बैंकों में अनेक खाते संचालित थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन, ऑनलाइन ट्रांसफर एवं नकद निकासी के लिए किया जाता था। आरोपी के पास विभिन्न बैंकों के 7-8 खाते होने की जानकारी प्राप्त हुई है।

गिरफ्तारी के पश्चात आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में छत्तीसगढ़ लाया जा रहा था। इसी दौरान दिनांक 20.06.2026 को केरल राज्य के मलाबार क्षेत्र स्थित एक लॉज से पुलिस जवानों को चकमा देकर आरोपी फरार हो गया था। तत्काल स्थानीय थाना में सूचना देकर अपराध दर्ज कराया गया तथा लगातार प्रयासों के बाद दिनांक 21.06.2026 को आरोपी को पुनः गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी अभिनव श्रीनिवास ने बताया कि उसने अपने परिचितों एवं अन्य व्यक्तियों के नाम से बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी से प्राप्त राशि को उन खातों में प्राप्त किया तथा कमीशन के बदले राशि को अन्य माध्यमों से आगे भेजता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह प्राप्त रकम को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से अन्य व्यक्तियों तक पहुंचाने का कार्य करता था तथा इसके एवज में कमीशन प्राप्त करता था।

इसी प्रकार आरोपी मुहम्मद साहिल द्वारा भी अपने बैंक खाते का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन एवं निकासी के लिए किए जाने की बात स्वीकार की गई। आरोपियों से पूछताछ के दौरान साइबर ठगी नेटवर्क से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल एवं वित्तीय जानकारियां प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश एवं जांच जारी है।

न्यायिक रिमांड

गिरफ्तार आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें दिनांक 27.06.2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में अन्य फरार एवं वांछित आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु लगातार कार्यवाही की जा रही है।

दंतेवाड़ा पुलिस की अपील

दंतेवाड़ा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन निवेश, पार्ट-टाइम जॉब, टास्क आधारित कमाई, टेलीग्राम/व्हाट्सएप लिंक अथवा अज्ञात वेबसाइटों के माध्यम से धन निवेश करने से पूर्व उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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