धान खरीदी में एग्रो पोर्टल की दिक्कतों पर किसान कांग्रेस का राज्यपाल को ज्ञापन, 20 दिसंबर से आंदोलन की चेतावनी… देखें वीडियो


जगदलपुर(प्रभात क्रांति)। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर जारी समस्याओं के बीच बस्तर जिला किसान कांग्रेस ने शुक्रवार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर एग्रो पोर्टल आधारित टोकन व्यवस्था को तत्काल समाप्त करने की मांग की। यह ज्ञापन बस्तर कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया। जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष दयाराम कश्यप ने बताया कि एग्रो पोर्टल व्यवस्था किसानों के लिए अत्यंत जटिल व परेशानियों से भरी हुई साबित हो रही है, जिसके चलते प्रदेशभर में किसान निराश और त्रस्त हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस की केन्द्रीय इकाई ने एग्रो पोर्टल की समीक्षा की, जिसमें पाया गया कि यह व्यवस्था अपने उद्देश्य पर खरी नहीं उतर रही है। पोर्टल में बार-बार तकनीकी समस्याएँ आने, पंजीयन में त्रुटियाँ रहने और टोकन कटने में अव्यवस्था के कारण किसान धान बेचने के अधिकार से वंचित हो रहे हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि बड़ी संख्या में किसान आज भी अपने खेतों की पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण नहीं कर पा रहे हैं। कई किसान सुबह–शाम पोर्टल का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सिस्टम फेल होने के कारण टोकन जारी नहीं हो पा रहा है। ज्ञापन में महासमुंद जिले के किसान मनबोध द्वारा टोकन न मिलने से निराश होकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए इसे अत्यंत दुखद और सरकारी व्यवस्थाओं की विफलता का मार्मिक उदाहरण बताया गया है।
किसान कांग्रेस ने चेताया कि यदि ऐसी घटनाएँ रोकनी हैं तो शासन को तत्काल इस व्यवस्था की खामियाँ दूर करनी होंगी। ऐसे किसान जिनके पास वैध दस्तावेज हैं, वे भी धान खरीदी से वंचित हो रहे हैं। संगठन ने इसे सुनियोजित अनदेखी बताते हुए कहा कि इस वर्ग के किसानों के लिए मैन्युअल पंजीयन या वैकल्पिक प्रणाली बनाना अत्यावश्यक है।
ज्ञापन में प्रमुख चार मांगें रखी गई हैं—
1. एग्रो पोर्टल को तत्काल बंद कर पुरानी व सुचारू धान खरीदी व्यवस्था फिर से लागू की जाए।
2. टोकन से संबंधित सभी तकनीकी खामियों को दूर कर किसानों को पहले की तरह एक साथ 03 टोकन उपलब्ध कराए जाएँ।
3. वन अधिकार पट्टाधारी, कोटवारी भूमि, पूर्व सैनिक एवं स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि का पंजीयन कर उनकी फसल खरीदी सुनिश्चित की जाए।
4. मक्का को 2400 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए, जिससे किसानों को उचित लाभ मिल सके।
किसान कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर सरकार द्वारा तत्काल और ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन 20 दिसंबर 2025 से पूरे प्रदेश में लगातार धरना–प्रदर्शन शुरू करेगा। संगठन ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण किसान भारी संकट में हैं और धान खरीदी जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया बाधित हो रही है।
ज्ञापन में राज्यपाल से अनुरोध किया गया कि किसानों के हितों और प्रदेश की कृषि व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि धान खरीदी प्रक्रिया सुगम व पारदर्शी बन सके और किसानों को राहत मिल सके।इस दौरान दयाराम कश्यप, बबलू कश्यप, संतोष सेठिया,सुखरानाग, पूरन सिंह कश्यप,जेटू राम कोराम,भोजराज नाग, आस्था राम कश्यप, बलराम कोकदू एवं अन्य किसान कॉग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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