छत्तीसगढ़

मालगांव पंचायत में विकास कार्य ठप – करोड़ों खर्च के बाद भी भवन-शौचालय बने खंडहर, सचिव की लापरवाही पर उठे सवाल…

जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर जनपद पंचायत बकावण्ड के अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत मालगांव आज बदहाली और लापरवाही की मिसाल बन चुका है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए भवन और शौचालय अब खंडहर और जंगल का रूप ले चुके हैं।

करोड़ों खर्च, पर नतीजा शून्य

ग्राम पंचायत में सामुदायिक भवन, सोसाइटी, उप स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान केंद्र, आंगनबाड़ी और शौचालयों का निर्माण सरकार द्वारा किया गया था। लेकिन देखरेख के अभाव और सचिव की लापरवाही के चलते आज इन भवनों में पेड़-पौधे और झाड़ियां उग आई हैं। करोड़ों रुपये से बनी संरचनाएं धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही हैं।

अधूरे आवास, अधर में योजनाएं

वर्ष 2017-18 में स्वीकृत कई प्रधानमंत्री आवास योजनाएं आज तक अधूरी पड़ी हैं। दर्जनों गरीब परिवार अब भी पक्के मकान के लिए तरस रहे हैं। वहीं नल-जल योजना समेत अन्य विकास कार्य भी केवल कागजों तक सीमित हैं।

सड़कों और पुलिया की हालत भी खराब

गांव में मुरमीकरण किए जाने के बाद भी सड़कों पर जगह-जगह कीचड़ और पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। अस्पताल के पीछे शंभू नामक दुकान के पास बनी पुलिया पर निर्माण बोर्ड तक नहीं लगाया गया, जिससे खर्च और गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

सचिव की लापरवाही, ग्रामसभा मौन

गांव के लोग बताते हैं कि ग्राम पंचायत सचिव कभी भी समय पर पंचायत में उपस्थित नहीं रहते। छोटे-छोटे कामों के लिए ग्रामीणों को महीनों इंतजार करना पड़ता है। आश्चर्य की बात यह है कि ग्रामसभा और आमसभा में इन मुद्दों को कभी गंभीरता से नहीं उठाया जाता।

विकास की राह में रोड़ा

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में भी विकास कार्य लगभग शून्य ही रहे। अब नए सरपंच विकास की मंशा तो रखते हैं, लेकिन सचिव की अनुपस्थिति और सही मार्गदर्शन न होने से गांव की स्थिति जस की तस है।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पंचायत विभाग से मांग की है कि पंचायत में फैली भ्रष्टाचार और लापरवाही की जांच की जाए। साथ ही सचिव की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि करोड़ों की लागत से बने भवन और योजनाएं वास्तव में जनता के काम आ सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button