मुरिया दरबार में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और प्रकृति के साथ यहां के समाज के गहरे संबंध की सराहना की एवं मांझी-चालकी के मानदेय में बढ़ोतरी….


जगदलपुर(प्रभात क्रांति)। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को बस्तर दशहरा उत्सव में शामिल होने जगदलपुर पहुंचीं। बस्तर प्रवास के दौरान उन्होंने सबसे पहले मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद राष्ट्रपति ने बस्तर की पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े मांझी-चालकी और अन्य पारंपरिक प्रतिनिधियों से मुलाकात की तथा ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल हुईं।
मुरिया दरबार में राष्ट्रपति ने बस्तर की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और जनजातीय संस्कृति को करीब से जाना। उन्होंने मुरिया दरबार की परंपरा को जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था का बेहतर उदाहरण बताते हुए कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता और संवाद की यह परंपरा बस्तर की विशिष्ट पहचान है।
इस दौरान पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े मांझी-चालकी के मानदेय में बढ़ोतरी की जानकारी भी सामने आई। मांझियों का मासिक मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये, जबकि चालकी का मानदेय 1,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिमाह किया गया है। यह निर्णय बस्तर की सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने वाले पारंपरिक प्रतिनिधियों के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसके बाद राष्ट्रपति लालबाग मैदान पहुंचीं, जहां बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित मेले का उन्होंने दौरा किया। उन्होंने मेले में मौजूद लोगों और आयोजन से जुड़े लोगों से मुलाकात की तथा बस्तर की लोक संस्कृति, परंपराओं और जनभागीदारी को करीब से देखा। लालबाग में आयोजित मेले में स्थानीय लोगों की बड़ी भागीदारी रही।
राष्ट्रपति ने बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और प्रकृति के साथ यहां के समाज के गहरे संबंध की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर की परंपराएं देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके संरक्षण के साथ क्षेत्र के विकास को भी आगे बढ़ाना जरूरी है।
राष्ट्रपति के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, बस्तर सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, महापौर संजय पांडे सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पारंपरिक मांझी-चालकी मौजूद रहे।




