बस्तर दशहरा रथ हादसे के पीड़ितों को उचित मुआवजा दे शासन — महेश स्वर्ण “एबोरिजिनल ट्राइब्स!”


जगदलपुर(प्रभात क्रांति)। जगदलपुर के विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा की 20 अक्टूबर 2026 की रात्रि विशाल रथ परिक्रमा के दौरान एक व्यक्ति की रथ के पहिए के नीचे दबने से मृत्यु तथा अन्य लोगों के घायल होने की घटना अत्यंत हृदयविदारक है। मैं मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
बस्तर दशहरा हमारी ऐतिहासिक, जनजातीय एवं सांस्कृतिक परंपरा का गौरव है। इस आयोजन में शासन द्वारा बजट स्वीकृत कर व्यवस्थाएं की जाती हैं, इसलिए आयोजन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना और पीड़ित परिवारों को राहत देना शासन-प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
लेबर पार्टी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ की प्रमुख मांग है कि मृतक के परिवार को ₹1.5 करोड़ तथा गंभीर रूप से घायल एवं स्थायी रूप से दिव्यांग हुए लोगों को उनकी स्थिति के अनुसार ₹1 करोड़ तक मुआवजा दिया जाए। साथ ही घायलों के उपचार, पुनर्वास और आजीविका की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए।
घटना दुर्घटना थी या सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में लापरवाही प्रमाणित होती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए रथ को तकनीकी रूप से तैयार किया जाए और तकनीकी जांच, भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा सुविधा और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संविधान के अनुच्छेद 21 में जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण का प्रावधान है। बस्तर की परंपरा का सम्मान तभी सार्थक है, जब उस परंपरा को निभाने वाले लोगों के जीवन और सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। ना केवल राज परिवार को देश दुनिया में प्रचार प्रसार करने का साधन बनाया जाए रूढ़ी प्रथा परम्परा रीति रिवाज को आदिवासी जनजाति समुदाय और बस्तर के मूल निवासीयो को केंद्रित करने की आवश्यकता है।
हमारी मांग राजनीति नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों को न्याय, आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की है। शासन तत्काल राहत दे और घटना की जवाबदेही सुनिश्चित करे।




