बाढ़ पीड़ित किसानों को मिले मुआवजा, ऋण भी हो माफ : किसान कांग्रेस नेता दयाराम कश्यप


जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर जिले में इंद्रावती और भस्केली नदी में आई भीषण बाढ़ से तटीय क्षेत्रों के किसानों की फसलें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। बाढ़ के पानी से खेतों में लगी धान की फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसान कांग्रेस नेता दयाराम कश्यप ने सरकार से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने और उनकी क्षतिग्रस्त फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
बस्तर जिले के अधिकांश किसान खेती और खेत-मजदूरी पर निर्भर हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदा से फसल पूरी तरह बर्बाद होने के बाद उनके सामने परिवार चलाने और आगामी खेती की तैयारी करने की चुनौती खड़ी हो गई है। उन्होंने मांग की कि बाढ़ से प्रभावित किसानों द्वारा लिए गए कृषि ऋण (किसान क्रेडिट कार्ड) को माफ किया जाए तथा नुकसान के आधार पर उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिया जाए, ताकि किसान इस संकट से उबर सकें।
बाढ़ में जिन किसानों के घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह बह गए हैं, उनके लिए आवास निर्माण की व्यवस्था की जाए। जरूरतमंद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार को पहल करनी चाहिए। किसान हर वर्ष कठिन परिस्थितियों में खेती कर अपनी आजीविका चलाते हैं, ऐसे में इस आपदा ने उनकी आर्थिक स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
किसान कांग्रेस नेता दयाराम कश्यप ने कहा कि प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा और राहत नहीं मिलने पर किसान कांग्रेस द्वारा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि बाढ़ प्रभावित किसानों की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सर्वे कराकर राहत, मुआवजा, ऋण माफी और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं।



