आसना नर्सरी में मजदूरी भुगतान पर सवाल, ई-पेमेंट में गड़बड़ी का आरोप, जांच के बाद भुगतान का आश्वासन… देखें वीडियो –


जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर जिले के बकावंड वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम छेपड़ागुड़ा स्थित आसना नर्सरी में मजदूरों के ई-पेमेंट को लेकर बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है।
वर्षों से संचालित इस नर्सरी में विभिन्न प्रकार के पौधों का उत्पादन किया जाता है, लेकिन अब यहां मजदूरों की मजदूरी भुगतान में कथित गड़बड़ी और लाखों रुपये के हेरफेर के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत छेपड़ागुड़ा, धोबीगुड़ा और इरिकपाल की महिला मजदूरों से काम तो कराया गया, लेकिन उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।
आरोप है कि ई-पोर्टल के माध्यम से होने वाले भुगतान में भी गड़बड़ी हुई, जिससे मेहनतकश मजदूरों की मेहनत की कमाई उन तक नहीं पहुंच सकी।

पीड़ित महिला मजदूरों ने अपनी समस्या सामने रखते हुए बताया कि पिछले करीब दो वर्षों से वन विभाग द्वारा ई-पोर्टल के माध्यम से मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन कई मजदूरों के खातों में आज तक राशि नहीं पहुंची। उनका आरोप है कि दिनभर मेहनत करने के बावजूद उन्हें उनकी मजदूरी से वंचित रखा गया।
महिलाओं ने पत्रकारों को बुलाकर अपनी पीड़ा सुनाई और आरोप लगाया कि भुगतान किए बिना उनसे लगातार कार्य कराया गया, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) ने बताया कि वे अप्रैल माह के बाद यहां पदस्थ हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ महिला मजदूरों का भुगतान विभिन्न मदों से कराया गया है, जबकि शेष मामलों की जांच जारी है।
जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी पात्र मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा। वहीं उप वन मंडलाधिकारी (एसडीओ) जगदलपुर श्री रात्रे ने भी बताया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है और 16 तारीख तक सभी मजदूरों के खातों में भुगतान किए जाने की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
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