बस्तर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना, नानगुर में सबसे अधिक वर्षा दर्ज, पशु चिकित्सालयों के संचालन का नया समय भी हुआ निर्धारित

जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। सोमवार सुबह बस्तर जिले के कई क्षेत्रों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार नानगुर तहसील में जिले की सबसे अधिक 15.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि जगदलपुर में 10.8 मिलीमीटर, बस्तर तहसील में 9.5 मिलीमीटर तथा लोहांडीगुड़ा में 7.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखने को मिली, क्योंकि धान की बोआई और खेतों की तैयारी के लिए यह वर्षा लाभदायक मानी जा रही है।
वर्तमान मानसून सत्र में बस्तर जिले में सामान्य से बेहतर वर्षा दर्ज की गई है। बस्तर तहसील में अब तक 142.4 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो पिछले दस वर्षों के औसत से अधिक है। वहीं करपावंड क्षेत्र में भी औसत से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश की संभावना जताई है, जिससे कृषि गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।
इधर राज्य शासन ने पशुधन विकास विभाग के अंतर्गत संचालित पशु चिकित्सालय, पशु औषधालय, कृत्रिम गर्भाधान केंद्र, कृत्रिम गर्भाधान उपकेंद्र तथा मुख्य ग्राम पशु चिकित्सा इकाइयों के संचालन का नया समय निर्धारित किया है। नए आदेश के अनुसार ये संस्थान कार्यालयीन दिनों में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा शासकीय अवकाश के दिनों में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित किए जाएंगे। शासन का उद्देश्य पशुपालकों को समयबद्ध और बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।





