Agri Stack पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य, अब खाद (उर्वरक) मिलेगा ऑनलाइन टोकन प्रणाली से, किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप बोले—“तुगलकी फरमान”, अशिक्षित किसान हो सकते हैं वंचित…


जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। अब खाद (उर्वरक) वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए Agri Stack पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत खाद का वितरण ऑनलाइन टोकन प्रणाली से किया जाएगा, जो धान खरीदी की तर्ज पर संचालित होगी।
क्या करना होगा किसानों को?
जिन किसानों ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, वे तुरंत अपने नजदीकी CSC सेंटर जाकर अपनी जमीन (रकबा) का पंजीयन कराएं।
जिन किसानों ने हाल ही में जमीन खरीदी या बेची है, या जिनका रकबा पोर्टल पर अपडेट नहीं है, वे जल्द से जल्द अपना विवरण अपडेट कराएं।
क्यों जरूरी है यह पंजीयन?
इस वर्ष खाद का वितरण केवल ऑनलाइन टोकन प्रणाली से किया जाएगा।
टोकन जारी करने के लिए Agri Stack पोर्टल में दर्ज रकबा ही आधार होगा।
यदि पंजीयन अधूरा या अपडेट नहीं होगा, तो किसानों को खाद प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है।
समय रहते पंजीयन
प्रशासन द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपना पंजीयन पूर्ण कर लें, वहीं किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप ने इसे “तुगलकी फरमान” बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।
इस संबंध में किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान अशिक्षित हैं, जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। ऐसे में यह अनिवार्यता उनके लिए बड़ी बाधा बन सकती है और वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि अशिक्षित किसानों के लिए अलग और सरल व्यवस्था बनाई जाए, ताकि वे भी बिना किसी परेशानी के योजनाओं का लाभ ले सकें। कश्यप ने कहा कि सरकार को जमीनी हकीकत को समझते हुए व्यावहारिक निर्णय लेना चाहिए।
फिलहाल, इस नई व्यवस्था को लेकर किसानों में जागरूकता के साथ-साथ चिंता भी देखी जा रही है। अब देखना यह है कि सरकार इस विरोध और सुझावों पर क्या कदम उठाती है।




