भूमगादी योजना की अनदेखी, शहर के बीचों-बीच बंद पड़ा ताजा सब्जी विक्रेता केंद्र….

जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में जनकल्याण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई कई योजनाएं आज बदहाली का शिकार होती नजर आ रही हैं। इन्हीं में से एक है भूमगादी स्व-सहायता समूह योजना के तहत स्थापित ताजा एवं हरा सब्जी विक्रेता केंद्र, जो वर्तमान में धूल खाकर बंद पड़ा हुआ है ।
पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शहरवासियों को हर्बल, ऑर्गेनिक एवं ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने और महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की गई थी। शहर के हृदय स्थल पुलिस ग्राउंड के समीप इस केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया था और इसका संचालन भूमगादी स्व-सहायता समूह, तारापुर को सौंपा गया था प्रारंभिक दौर में यह केंद्र सफलतापूर्वक संचालित हुआ और आम लोगों के बीच लोकप्रिय भी रहा ।
लेकिन समय बीतने के साथ भूमगादी महिला कृषक प्रोड्यूसर कंपनी का संचालन धीरे-धीरे कमजोर पड़ता गया, और अंततः यह महत्वाकांक्षी योजना पूरी तरह ठप हो गई । आज स्थिति यह है कि लाखों रुपये की लागत से बना यह सब्जी विक्रेता केंद्र बंद पड़ा है और सरकारी उपेक्षा का प्रतीक बन गया है तथा इस स्व-सहायता समूह को सहायता को कार्यो के सुविधा हेतु एक वाहन भी सौपा गया था जो अब जर्जर अवस्था में पहुंच गया है ।
वर्तमान सरकार यदि चाहे, तो इस योजना को पुनर्जीवित किया जा सकता है । आत्मसमर्पित नक्सलियों, महिला समूहों या ग्रामीण कृषकों को इससे जोड़कर न केवल उन्हें रोजगार दिया जा सकता है, बल्कि शहरवासियों को एक बार फिर ताजा और स्वास्थ्यवर्धक सब्जियां उपलब्ध कराई जा सकती हैं ।
लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ऐसी योजनाओं का इस तरह बंद पड़ा रहना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। अब आवश्यकता है कि संबंधित अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान दें और भूमगादी योजना को पुनः संचालित कर इसे अपने मूल उद्देश्य तक पहुंचाएं, ताकि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो सके और लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके ।



