छत्तीसगढ़

तेंदूपत्ता खरीदी में रुकावट से आदिवासी समुदाय परेशान, लेबर पार्टी ने उठाई खरीदी अवधि बढ़ाने की मांग– महेश स्वर्ण ने दी जन आंदोलन की चेतावनी

जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर संभाग के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में वन आधारित उत्पाद, विशेष रूप से तेंदूपत्ता, ग्रामीणों की आजीविका का मुख्य साधन हैं। स्थानीय स्तर पर ‘हरा सोना’ कहे जाने वाले तेंदूपत्ते की खरीदी इस वर्ष पहली बार ठेकेदारों के बजाय सीधे वन विभाग के माध्यम से की जा रही है। हालांकि यह पहल सराहनीय है, लेकिन कई क्षेत्रों में खरीदी प्रक्रिया मात्र 1–2 दिनों में रोक दी गई है, जिससे हजारों परिवारों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।

लेबर पार्टी ऑफ इंडिया के छत्तीसगढ़ राज्य अध्यक्ष महेश स्वर्ण ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खरीदी में रुकावट से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने शासन से मांग की है कि तेंदूपत्ता खरीदी की अवधि को कम से कम 15 दिन और बढ़ाया जाए, साथ ही सभी खरीदी केंद्रों में नियमितता सुनिश्चित की जाए ताकि हितग्राहियों को राहत मिल सके।

श्री स्वर्ण ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने जल्द इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो लेबर पार्टी शासन और प्रशासन के विरुद्ध धरना प्रदर्शन एवं जन आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगी।

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