छत्तीसगढ़

हम हक की लड़ाई लड़ना सिखाते रहेंगे-लखेश्वर बघेल, 84 किमी दूर से पैदल चलकर आए ग्रामीण, मूलभूत मांगों को लेकर कलेक्टोरेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपा, पेयजल और वनाधिकार पट्टा की बात प्रमुखता से उठी, कांग्रेस की विशाल पदयात्रा….

जगदलपुर(प्रभात क्रांति)। जिला मुख्यालय से लगभग 84 किमी दूर बकावंड विकासखंड के सुदूर ग्राम चारगांव तारेका से 29 मार्च को निकली कांग्रेस की पदयात्रा पहली अप्रैल को विशाल स्वरुप में जिला मुख्यालय पहुंची। पदयात्रा में बड़ी संख्या में पंच सरपंच सहित आम लोग भी शामिल हुए। बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, पूर्व विधायक रेखचन्द जैन व चंदन कश्यप के नेतृत्व में बुधवार को हाइवे पर बसे कुदालगांव से यात्रा जिला मुख्यालय के लालबाग मैदान पहुंची, जहां शहर के कांग्रेसी भी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। यहां से लगभग पांच किमी की लंबी रैली में कलेक्टोरेट तक मार्च किया गया।

भरी दोपहरी में दिन के करीब एक बजे चिलचिलाती धूप में आगे नाचा पार्टी, पुरुषों के कांधों पर मटके के कांवर, महिलाओं के सिर पर गगरी, बैनर और सैकड़ों हाथों में तख्तियां लेकर जब यह रैली लालबाग से कोतवाली होते हुए मेन रोड, पैलेस रोड गुरु गोविंद सिंह चौक से गुजरते हुए कलेक्टोरेट के लिए गुजरी तो यह आमलोगों के लिए भी चर्चा का विषय रहा कि विकास के चाहे दावे कितने हों पर ग्रामीण आज भी साफ पानी और अपने बुनियादी हक़ के लिए जूझ रहे हैं। कलेक्टोरेट का घेराव कर नेतृत्वकर्ताओं द्वारा राज्यपाल के नाम का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद सभी घर वापसी के लिए लालबाग मैदान में एकत्र हुए, जहाँ आभार प्रदर्शन में विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष एवं बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा चुप बैठने से काम नहीं चलेगा कि जब तक सांस चल रही है हमे अपने हक़ के लिए आवाज बुलंद करने, आगे आने और लड़ना पड़ेगा और भावी पीढ़ी को लड़ना सिखाना होगा।

उन्होंने कहा कि तीन साल हो गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी पहुंचाने की योजना बस्तर के अधिकांश गांवों में फलीभूत नहीं हो पाई है, लोग फ्लोराइड और आयरनयुक्त पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं, असमय काल कवलित हो रहे हैं, नदी नाले तालाब सूख रहे हैं हैण्डपम्प पानी नहीं गर्म हवा छोड़ रहे हैं, निस्तारी जल की समस्या अभी से उत्पन्न हो गई है आखिर इसका जिम्मेदार कौन है किसकी लापरवाही है, इस गर्मी में 84 किमी की पदयात्रा से पैदल चलकर आये ग्रामीणों ने यह साबित कर दिया कि अपने हक़ के लिए वे लड़ेंगे आगामी एक माह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो इससे भी बड़ी संख्या में ग्रामीण अब सड़कों पर बैठकर जाम लगा देंगे।

पूर्व विधायक रेखचन्द जैन ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष और बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल का लोगों के बुनियादी हक़ के लिए जमीन पर उतरकर लड़ना हमारे लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता लोगों के हक़ के लिए एकजुट होकर कंधे से कंधा मिलाकर काम करता है यह हमारे लिए बड़ी ताकत है।

विधायक लखेश्वर बघेल ने बताया कि ज्ञापन में जल जीवन मिशन के आधे अधूरे काम, वंचितों को वनाधिकार पत्र प्रदान करने की मांग के साथ ही, ग्राम पंचायतों में काम देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने, रिक्त शासकीय पदों को भरने, बैकलॉग भर्ती, प्रदेश में शिक्षकों के रिक्त 57 हजार पदों पर भर्ती, ऋणी किसानों का सम्पूर्ण धान खरीदी, रसोई और कमर्शियल गैस की सहजता से उपलब्धता सुनिश्चित करना, मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराना तथा बकाया भुगतान सुनिश्चित करना, बस्तर में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करना, सफाई कर्मी और रसोइया श्रमिकों के मानदेय में 50 प्रतिशत की वृद्धि करना, सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में एम्स की तर्ज पर सस्ती दवाएं तथा स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, बिजली की कटौती, लो वोल्टेज की समस्या में सुधार के साथ बिजली की दरों की पुनर्समीक्षा करना, राजीव गांधी आश्रय पट्टा प्रदान करने की मांग के लिए ज्ञापन सौंपा गया है। यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

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