छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री मोदी की देशवासियों से की गयी अपील ने देशवासियों के जख्मों पर नमक डालने का काम किया- उमाशंकर शुक्ला, नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री है जो राश्ट्र की उत्पादकता को कम करने पर तुले हुए है- उमाशंकर शुक्ला 

12 सालो में मोदी सरकार ने क्रूड आयल भंडारण का एक भी केन्द्र नहीं बनाया- उमाशंकर शुक्ला 

बीजापुर(प्रभात क्रांति) । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय बीजापुर में प्रेस वार्ता आयोजित किया है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कह रहे कि किसान उर्वरकों का उपयोग कम करे जबकि देश में पिछले सात साल से उर्वरक की कमी है। प्रधानमंत्री उर्वरक की व्यवस्था करने के बजाय बार-बार किसानों से यूरिया की खपत कम करने की अपील करते रहे है। किसानों की आय दुगुनी करने का वादा था लेकिन उर्वरक नहीं मिलने तथा महंगा उर्वरक खरीदने के कारण किसान कर्जदार हो रहे, उत्पादकता घट रही। हमारे छत्तीसगढ़ में 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की आवष्यकता है लेकिन राज्य सरकार अभी तक 51 हजार मीट्रिक टन उर्वरक ही सोसायटियों तक पहुंचा पायी है। यह कुल जरूरत का मात्र 30 फिसदी है अभी भी 70 फिसदी उर्वरक सोसायटियों तक नहीं पहुंचा है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री है जो राश्ट्र की उत्पादकता को कम करने पर तुले हुए है।

और मोदी जी नागरिकों को काम नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। मोदी जी कह रहे कि वर्क फार्म होम करिए, काम पर मत जाइए, मोदी जी के इस सलाह से फिल्ड में काम करने वाले, गली कूचे में घूमकर सामान बेचने वाले, फेरी लगाने वाले क्या करेंगे?

देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने कहा था आराम हराम है। मोदी कह रहे काम मत करो घर में बैठो।

कांग्रेस नेता उमाशंकर शुक्ला ने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि महंगाई के कारण वैसे ही किचन का बजट बिगड़ा हुआ है और मोदी जी कह रहे हैं तेल मत खाओ, जबकि मोदी राज में किचन का बजट बिगड़ा हुआ है। खाद्य सामाग्री के दाम इतने बढ़े हुए है कि तेल क्या गृहणियां हर चीज के बजट में कटौती कर रही है।

प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता ने कहा कि 2013 में जब देश में कांग्रेस की सरकार थी, तब भारत में सोने की कीमत 28500 से 29600 रू. प्रति ग्राम था। आज 2026 में आज सोने का भाव 152130 रु. प्रति 10 ग्राम है। 12 सालों के मोदी राज में महंगाई बेतहाशा बढ़ने का अंदाजा सोने की कीमत से लगाया जा सकता है कि सोना 50 गुना महंगा हुआ है। देश की महिलाओं के मंगलसूत्र छीनने का डर दिखाने वाले मोदी ने देश की महिलाओं के मंगलसूत्र ही नहीं अंगूठी, मांगटीका, हार, सोने की चैन सब छीनना चाह रहे हैं।

उन्होंने कहा मोदी जी खुद विदेश यात्रा पर करोड़ो फूंक रहे मोदी जब से प्रधानमंत्री बने है उन्होने 70 देशों के विदेश यात्रा पर लगभग 815 करोड़ रू. खर्चा किया है तथा 300 से अधिक दिन विदेशों में बिताया है, उनका निजी विमान जिसमें वे चलते है उसकी कीमत 8400 करोड़ रू. है। 15 तारीख से वे फिर विदेश यात्रा पर जा रहे है।

प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार बनने के बाद पेट्रोल के दाम 70 रु. प्रति लीटर से बढ़कर 100 रु. प्रति लीटर के पार हो गए हैं जबकि डीजल के दाम 55 रु. प्रति लीटर से बढ़कर 95 रु. प्रति लीटर के करीब पहुंच गए हैं। बीते 12 सालों में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर कर लगाकर 47 लाख करोड़ रुपए जनता की जेब से निकाले गए हैं। जब क्रूड ऑयल 19 डॉलर प्रति बैरल था तब भी पेट्रोल, डीजल 100 रू. में बेच रहे थे, अब क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल है तब प्रधानमंत्री जनता को उस कमाई से राहत देने के बजाय पेट्रोल, डीजल बचाने की अपील कर रहे। छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में सरगुजा, जैसे इलाकों में हफ्तों से डीजल, पेट्रोल की कमी से जनता जूझ रही। कमर्शियल गैस नहीं मिलने के कारण राज्य के अधिकांश स्टील उद्योग बंद पड़े है।

कांग्रेस नेता उमाशंकर शुक्ला ने आगे कहा कि भाजपा सरकार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में असफल और नकारा साबित हुई है। अभी हाल ही में देश भर में हुई सर्वे में एक बात सामने आई है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों, रोजगार देने में असफलता, पेट्रोल, डीजल में मनमाना एक्साइज ड्यूटी, रेल यात्रा का महंगा होना, सड़कों पर टोल टैक्स के दरों में वृद्धि एवं आवश्यक वस्तुओं पर भी लगाई गई जीएसटी के चलते आम लोगों के आय एवं बचत घटी है और मुखिया को घर चलाने के लिए घर की आवश्यकताओं को पूर्ति करने के लिए 77 प्रतिशत तक के ऋण लेने पड़े है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार को कोई वास्ता नहीं।

देश में 12 सालों से मोदी की सरकार है, इन 12 सालों में मोदी की सरकार ने क्रूड ऑयल भंडारण के लिए एक भी भंडार नहीं बनाये। देश में इस समय कुल 3 भंडारण केंद्र है, पहला विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश में इसका निर्माण 2008 से 2014 के बीच हुआ। दूसरा मंगलुरू, कर्नाटका में इसका निर्माण 2009 से 2016 के बीच हुआ। तीसरा पेडूर, कर्नाटका इसका निर्माण भी यूपीए सरकार ने 2010 में कराया। देश की कुल तेल और गैस भंडारण क्षमता 5.33 मिलियन टन है। पूरे का निर्माण कांग्रेस की यूपीए सरकार ने किया। मोदी सरकार ने क्या किया ? यह भंडारण केंद्र इसलिए बनाये जाते है ताकि युद्धकाल में, संकट काल में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमते बढ़ने का प्रभाव देश पर न पड़े। आज देश में गैस, पेट्रोल-डीजल का संकट है तो इसके पीछे मोदी सरकार की लापरवाही है।

 

मोदी अपने नेताओं को कहे डीजल बचाये

 

मोदी की अपील के बाद भाजपाई, मंत्री, विधायक, पदाधिकारी, साइकिल से चले डीजल-पेट्रोल बचाये। प्रधानमंत्री की सलाह पर अमल पहले उनके दल के लोगों को करना चाहिए, उसके बाद आम जनता से अपेक्षा करे। अपना तथा अपने मंत्रियो, मुख्यमंत्रियो, राज्य के मंत्रियो के काफिले को खत्म करें।

जब मनमोहन सरकार थी तब देश दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था थी, मोदी राज में यह 6वें स्थान पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री मोदी से देश नहीं संभल रहा, देश ने पहले भी अनेकों ऐसे संकट देखे है, तब भारत की तत्कालीन सरकारों ने सूझबूझ से इन समस्याओं का सामना किया था। मोदी ने तो आज तक इस वैश्विक संकट पर विपक्षी दलों की बैठक तक नहीं बुलाई। जब उनसे स्थितियां नहीं संभल रही तो देश की जनता से कम उपयोग की अपील कर रहे है।

प्रेस वार्ता के दौरान विधायक विक्रम मंडावी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, कमलेश कारम, प्रवीण डोंगरे, गिरधारी राठी, प्रवक्ता ज्योति कुमार, शहर कांग्रेस अध्यक्ष पुरुषोत्तम खत्री, कलाम खान, सोनू पोटाम, संजना चौहान, शेख रजिया, ललिता झाड़ी, पार्षद बबीता झाड़ी, कविता यादव इद्रीश ख़ान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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