आपदा को अवसर में बदल रही एनएमडीसी प्रबंधन और डब्लूसीसीएस – राहुल महाजन, व्यावसायिक गैस सिलिंडर के हेरा फेरी का मामला उजागर, एनएमडीसी परियोजना अस्पताल प्रबंधन के नाम पर सिलिंडर की चोरी…


दंतेवाड़ा (प्रभात क्रांति) । देश – दुनिया मे चल रहे विश्व-युद्ध जैसी उत्पन स्थिति में केंद्र सरकार के कार्यशैली पर कई सवाल उठा दिए है । देश भर में जहाँ आज घरेलू -व्यवसायिक गैस सिलिंडर की किल्लत से आम जनता परेशान है तो वही नवरत्न एनएमडीसी कंपनी अपनी होलसेल कंस्यूमर को-आपरेटिव स्टोर (डब्लूसीसीएस) के माध्यम से व्यवसायिक गैस सिलिंडर की हेरा फेरी में लगी हुई है । जिस पर कांग्रेस कमिटी के जिला प्रवक्ता राहुल महाजन ने एनएमडीसी प्रबंधन पर साफ आरोप लगाए है कि आम जनता गैस की किल्लत से जूझ रही है तो वही डब्लूसीसीएस अध्यक्ष शिवदास चिकाटे जी इस आपदा को अवसर में बदलते नज़र आ रहे है । राहुल महाजन ने जानकारी देते हुए बताया कि डब्लूसीसीएस अध्यक्ष शिवदास चिकाटे वर्तमान में एनएमडीसी प्रबंधन में उप-महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत है और प्रबंधन द्वारा ही इन्हें मनोनीत कर इस पद में बैठाया गया है, जिससे यह समझा जा सकता है कि कैसे इस गैस की किल्लत के वक़्त में अध्यक्ष महोदय अपने उच्च अधिकारियों की सेवा में सारे गैस सिलिंडर भेज रहे है ।
इस मामले में कांग्रेस कमिटी जिला प्रवक्ता राहुल महाजन ने शासन को आड़े हाँथ लेते हुए आरोप लगाए की सरकार की कुनीतियों का खामियाजा आम जनता तो भुगत ही रही थी पर इस संकट की घड़ी में एनएमडीसी परियोजना के अधिकारी भी सिर्फ अपना फायदा देखते नज़र आ रहे है । किरन्दुल में एक ओर जहां इण्डेन गैस एजेंसी में नागरिको को डीएसी नंबर नही प्राप्त हो पा रहा है जिससे वह गैस पर्ची ले पाए तो वही दूसरी ओर इण्डेन के व्यवसायिक गैस सिलिंडर न मिलने की वजह से कई सारे ढाबे-रेस्टोरेंट को बंद करने की नौबत आ गयी है । और ऐसी स्थिति में एनएमडीसी अधिकारी अपने परियोजना अस्पताल प्रबंधन के साथ मिल कर घोटाला करने में व्यस्त है ।

राहुल महाजन ने जानकारी देते हुए आरोप लगाए की वर्तमान समय मे अस्तपाल एवं कुछ चुनिंदा संस्थाओं को व्यापक मात्रा में व्यवसायिक सिलिंडर की सुविधा दी गयी पर परन्तु डब्लूसीसीएस से प्राप्त जानकारी के अनुसार फरवरी माह के मात्र 28 दिनों में अस्पताल प्रबंधन द्वारा 34 सिलिंडर उपयोग किये गए थे तो वही मार्च माह के मात्र 19 दिनों में ही 47 सिलिंडर की उपयोगिता जानकारी दी गयी है । साथ ही इस दी गयी जानकारी में जब डब्लूसीसीएस अधिकारी से सील-साइन करने की बात कही तो वो अपनी बगले झांकते नज़र आये ।
सत्यापित जानकारी मांगने पर अगर असत्यापित जानकारी डब्लूसीसीएस द्वारा दी गयी है तो संस्था अध्यक्ष शिवदास चिकाटे की “चोर की दाढ़ी में तिनका” वाली कहावत सार्थक सिद्ध होती है साथ ही खाद्य विभाग के जांच दल के अधिकारी द्वारा जानकारी के नाम पर मार्च माह में 37 व्यवसायिक गैस सिलिंडर की उपयोगिता की बात कही जा रही है । राहुल महाजन ने इस मामले में गंभीर सवाल उठाये है कि आखिर इन सब मामले में खाद्य विभाग की कितनी संलिप्तता है ?? साथ ही इस संकट की घड़ी में इतने सारे व्यवसायिक सिलिंडर की खपत कहा हो रही है ?? इन सब सवालों के साथ राहुल महाजन ने विज्ञप्ति के माध्यम से स्पष्ठ कहा कि अगर मामले की उचित जांच नही की गयी तो कांग्रेस कमिटी अपने स्तर पर जांच करेगी और आमजनता के हक़ की लड़ाई जमीनी स्तर तक लड़ेगी ।





