छत्तीसगढ़

बस्तर का धान अब महाराष्ट्र-आंध्र के राइस मिलों में, नई नीति से मिलिंग व्यवस्था में बदलाव, ओला वृष्टि के बाद धान केंदों का हाल…देखें वीडियो


जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर संभाग में धान खरीदी और मिलिंग को लेकर इस वर्ष बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार की नई रणनीति के तहत अब बस्तर में खरीदे गए धान को महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के राइस मिलों में मिलिंग के लिए भेजा जा रहा है। यह व्यवस्था ऐसे समय में सामने आई है जब स्थानीय स्तर पर धान उठाव और मिलिंग को लेकर लंबे समय से समस्याएं बनी हुई थीं।

पूर्व में धान उठाव और राइस मिलर्स के बीच लेन-देन की गड़बड़ी के कारण लेम्पस स्तर पर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई थी। कई राइस मिलर्स द्वारा पूर्व में लिए गए धान का चावल समय पर नहीं लौटाने के कारण उनकी मिलिंग प्रक्रिया पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके चलते सरकार ने नई व्यवस्था लागू करते हुए उन मिलर्स को प्राथमिकता दी है जिनकी लेन-देन प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी रही है। इसी क्रम में बाहरी राज्यों के मिलों में धान भेजकर मिलिंग कराई जा रही है।

हाल ही में 17 मार्च को क्षेत्र में ओलावृष्टि होने के बावजूद धान का संरक्षण सही तरीके से किया गया और अब उसे मिलिंग के लिए बाहर भेजा जा रहा है। कोंडागांव, कारपावंड, जैबेल, गारेगा, फरसरा सहित कई क्षेत्रों में मौसम की मार के बीच भी धान सुरक्षित रखा गया। सरकार की यह नीति जहां कुछ लोगों के लिए असहज हो सकती है, वहीं पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन की दिशा में इसे एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।

ओले वृष्टि के बाद धान केंदों का हाल –

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