45 साल पुराने घर पर विवाद, विधवा महिला को घर से बेदखल करने की कोशिश, पार्षद पर ताला लगाने का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से बेटियों संग दर-दर भटकने को मजबूर…. देखें वीडियो

जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। जगदलपुर के शहीद गुंडाधुर वार्ड क्रमांक 45 में एक गरीब विधवा महिला अपने ही घर में निर्माण कार्य को लेकर गंभीर विवाद में फंस गई है। करीब 45 वर्षों से निवासरत महिला को नया मकान बनाना अब भारी पड़ गया है और वह अपनी बेटियों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर हो गई है।
पीड़िता महिला ने जगदलपुर के प्रेसक्लब में प्रेसवार्ता कर श्रीमती बालो कश्यप (55 वर्ष), निवासी जोरीपारा, ने बताया कि पति के निधन के बाद वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। उनके पांच बेटियां हैं और कोई पुत्र नहीं है। जर्जर कच्चे मकान को तोड़कर नया घर बनाने के लिए मैने नगर निगम से अनुमति लेकर निर्माण कार्य शुरू किया था। किन्तु निर्माण कार्य के दौरान विवाद उत्पन्न हुआ और घर के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया, जिससे पूरा कार्य रुक गया। इस संबंध में बोधघाट थाना में 23 अप्रैल 2026 को शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

प्रेसवार्ता के दौरान महिला ने आरोप लगाया कि वार्ड क्रमांक 45 की पार्षद गायत्री बघेल द्वारा दोबारा गेट में ताला लगा दिया गया, जिससे वह अपने ही घर में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं। इस वजह से उन्हें अपनी बेटियों के साथ दर-दर भटकने की नौबत आ गई है।
पीड़िता ने बताया कि बार-बार निवेदन करने के बावजूद न तो ताला हटाया गया और न ही कोई समाधान निकाला गया। मजबूरी में एक बार ताला तोड़कर निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास किया गया, लेकिन पुनः ताला जड़ दिया गया।
महिला ने नगर निगम आयुक्त, तहसीलदार एवं थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं मोहल्ले के लोगों ने भी हस्ताक्षर कर यह पुष्टि की है कि पीड़िता लंबे समय से उसी स्थान पर निवास कर रही है।
यह मामला प्रशासनिक निष्क्रियता और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ओर जहां शासन गरीबों के लिए आवास योजनाओं की बात करता है, वहीं दूसरी ओर एक जरूरतमंद महिला को अपने ही घर में रहने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेता है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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