कांग्रेस जांच दल का आरोप – नाबालिगों के साथ अनैतिक कार्य करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं, भाजपा सरकार में आदिवासी बेटियां असुरक्षित, जिला शिक्षा अधिकारी अपने जिम्मेदारी से बचने के प्रयास में लगे हैं- कांग्रेस


बीजापुर(प्रभात क्रांति) । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिले के गंगालूर सरकारी पोर्टा केबिन कन्या छात्रावास से जुड़े गंभीर मामले की जांच हेतु कांग्रेस द्वारा गठित 9 सदस्यीय स्तरीय जांच दल ने 18 मार्च को गंगालूर स्थित छात्रावास का दौरा किया और स्थानीय ग्रामीणों, पीड़ितों के परिजनों, अधीक्षक, शिक्षकों तथा कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी ली।
जांच दल ने पाया कि पीड़ित छात्राएं नियमित रूप से सरकारी स्कूल में पढ़ती थीं, पोर्टा केबिन छात्रावास में रहती थीं और माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं में भी नियमित छात्र के रूप में शामिल हुई थीं। जांच दल ने उपस्थिति पंजी का निरीक्षण किया जिसमे सफेदा लगाकर उपस्थित को अनुपस्थित किया गया, जांच दल ने यह भी पाया कि वर्तमान अधीक्षिका पोर्टा कबीन आश्रम के अलावा प्री-मैट्रिक छात्रावास की भी अधीक्षिका है। पीड़ित छात्राओं को नियमित स्कालरशिप मिलता है। जाँच समिति को यह भी जानकारी दी गई कि जब छात्राएं स्कूल नहीं आ रही थी तो उन्हें किसी ने भी स्कूल नहीं आने के कारणों का पता लगाने का प्रयास भी नहीं किया गया है।

जाँच दल ने कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, डीएमसी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीजापुर से मुलाक़ात कर वस्तुस्थिति को जाना।
वहीं जाँच दल ने जिला शिक्षा अधिकारी लखन लाल धनेलिया के 15 मार्च के बयान पर तीखी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि छात्राएं अब छात्रावास में अध्ययनरत/निवासरत नहीं हैं और मीडिया रिपोर्ट्स “भ्रामक एवं गुमराह करने वाली” हैं। दल ने इसे झूठा और जिम्मेदारी से बचने का स्पष्ट प्रयास करार दिया।

जांच दल ने आरोप लगाते हुए कहा कि
“नाबालिग बच्चों के साथ हुए अनैतिक कृत्य पर अब तक किसी आरोपी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार को आदिवासी बच्चों की कोई चिंता नहीं है। प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन की सरकार बनने के बाद से आदिवासी बच्चे लगातार प्रताड़ित हो रहे है। स्कूलों, आश्रम शालाओं और छात्रावासों में आदिवासी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन अनैतिक घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अपराधी बेखौफ बच निकलते हैं। गंगालूर के मामले को भी रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है। दल ने स्थानीय लोगों से बातचीत में छात्रावास में निगरानी की भारी कमी, मासिक स्वास्थ्य जांच न होना और बाहरी लोगों की अनियंत्रित आवक-जावक पर गंभीर चिंता जताई।
जाँच दल ने 1. गंगालूर पोटा केबिन में पिछले 6 महीनों के सभी बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट की जांच करने । 2. पिछले 6 महीनों की उपस्थिति रजिस्टर की जांच करने। 3. पिछले 6 महीनों की स्कॉलरशिप वितरण की जांच करने। और 4. पिछले 6 महीनों में पोर्टा केबिन में कौन-कौन मिलने आया करता था, उस विजिटर पंजी की जांच करने की मांग प्रमुखता से रखी है।
साथ ही कांग्रेस जाँच दल ने यह भी कहा है कि यदि ये जांचें नहीं हुईं और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी जनसहयोग से आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन छेड़ेगी। जांच दल में संयोजक श्रीमती मंगमा (अध्यक्ष, जिला पंचायत सुकमा) के नेतृत्व में श्रीमती नीना रावतीय उद्दे (पीसीसी महामंत्री) श्रीमती सुलोचना कर्मा (सदस्य, जिला पंचायत दंतेवाड़ा) श्रीमती गीता कवासी (सदस्य, जिला पंचायत सुकमा), बबिता मंडावी (पूर्व अध्यक्ष, नगर पंचायत दोरनापाल) श्रीमती पार्वती कश्यप (पूर्व जिला पंचायत सदस्य, बीजापुर), सुश्री अनिता तेलम (पूर्व अध्यक्ष, जनपद पंचायत उसूर), श्रीमती रिंकी कोरम (अध्यक्ष, नगर पंचायत भोपालपटनम) और श्रीमती पायल हेमला (सरपंच, गंगालूर) शामिल थे। जाँच दल ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज को सौंपी जाएगी। जाँच दल के साथ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर के अलावा बड़ी संख्या में कांग्रेस और महिला कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।




