आखिर कब बनेगी बजावंड सड़क?, छत्तीसगढ़-ओडिशा को जोड़ने वाला मार्ग बदहाल, क्षेत्रवासी परेशान, हादसों का बढ़ा खतरा…

जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर जिले में छत्तीसगढ़ और ओडिशा राज्य को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण बजावंड सड़क मार्ग आज बदहाली का शिकार बना हुआ है। वर्षों से क्षेत्रवासी इस सड़क के निर्माण और मरम्मत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जगदलपुर स्थित महिंद्रा शोरूम से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित यह सड़क तारापुर, बोरगांव होते हुए ओडिशा राज्य को जोड़ती है। यह मार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी रास्ते से ग्रामीणों का आवागमन, व्यापारिक गतिविधियां और परिवहन व्यवस्था संचालित होती है।

पूर्ववर्ती सरकार द्वारा इस मार्ग की महत्ता को देखते हुए भस्केली नदी पर पुल निर्माण कराया गया था, ताकि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच यातायात सुगम हो सके। लेकिन पुल बनने के बावजूद सड़क की जर्जर स्थिति अब लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इंद्रावती और भस्केली नदी क्षेत्र में भारी मात्रा में रेत खनन होने के कारण इस मार्ग पर लगातार भारी वाहनों और हाईवा, ट्रकों का आवागमन होता है। इसी वजह से सड़क पूरी तरह टूटने लगी है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़क की हालत ऐसी हो चुकी है कि वाहन चालकों और राहगीरों को हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क का निर्माण और मरम्मत कार्य कई बार किया जा चुका है, जिसमें छेपडागुड़ा से तारापुर तथा बेलगांव से कोसमी तक सड़क निर्माण के नाम पर कार्य तो हुए, लेकिन गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में सड़क की मरम्मत भी कराई गई, लेकिन यह सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई। सड़क के बीचों-बीच अब भी बड़े गड्ढे मौजूद हैं, जबकि किनारों पर मिट्टी ड्रेसिंग का कार्य भी बेहद लापरवाही से किया गया है। सड़क की चौड़ाई कम होने और किनारों की स्लैब कमजोर होने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि दो राज्यों को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। लगातार भारी वाहनों के आवागमन से सड़क तेजी से खराब हो रही है, फिर भी स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा।
स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस मार्ग का उच्च गुणवत्ता के साथ पुनर्निर्माण कराया जाए तथा भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए उचित व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में यह सड़क बड़े हादसों का कारण बन सकती है।




