छत्तीसगढ़

विकास की उम्मीद लेकर पहुँचे विधायक विक्रम मंडावी — पामेड़ के सुदूर गांवों में लगाया जन-संवाद, ग्रामीणों का विश्वास और उनका उत्साह ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है- विक्रम मंडावी 

बीजापुर(प्रभात क्रांति) । छत्तीसगढ़ के सबसे सुदूर और उपेक्षित अंचलों में से एक पामेड़ क्षेत्र में बीते गुरुवार और शुक्रवार को एक असाधारण दृश्य देखने को मिला। बीजापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विक्रम मंडावी जब छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा से सटे इन दुर्गम गांवों में पहुँचे, तो ग्रामीणों की आँखों में एक नई उम्मीद की चमक थी। फूल-मालाओं और जयकारों के बीच हुआ उनका स्वागत यह बता रहा था कि यहाँ के लोग कितने लंबे समय से किसी जनप्रतिनिधि की प्रतीक्षा में थे।

दशकों की उपेक्षा, पर उम्मीद अभी जीवित है

पामेड़ क्षेत्र — जहाँ छत्तीसगढ़ की सीमा तेलंगाना से मिलती है — आदिवासी बहुल, नक्सल प्रभावित और विकास की दृष्टि से सर्वाधिक वंचित इलाकों में गिना जाता है। तर्रेम, चिन्नागेल्लूर, गुंडम, छुटवाई, कोंडापल्ली, वाटेगुड़ा, काउरगट्टा, जीड़पल्ली, धरमारम, टेकलेर, पामेड़, भीमारम, पुजारी कांकेर, कमलापुर, मारूडबाका, गूंजेपरती, नंबी, गलगम और नड़पल्ली जैसे गाँव आज भी बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं। इन गांवों में विधायक मंडावी का यह दौरा महज एक राजनीतिक भ्रमण नहीं, बल्कि एक जन-संवाद बन गया।

जहाँ भी विधायक पहुँचे, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने आगे बढ़कर अपनी पीड़ा साझा की। ग्रामीणों की मांगें बड़ी नहीं थीं — वे तो बस वही चाहते थे जो हर भारतीय नागरिक का अधिकार है:

भूमि अधिकार: वनाधिकार पट्टा और राजस्व पट्टा का वितरण — क्योंकि पीढ़ियों से जोती जा रही जमीन पर आज भी उनका कागजी हक नहीं है। बिजली: अधिकांश गाँव आज भी अँधेरे में डूबे हैं। बच्चे लालटेन की रोशनी में पढ़ने को मजबूर हैं। शुद्ध पेयजल, सड़कें, अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएँ, विद्यालय भवन शिक्षक, राशन दुकानें और राशन की नियमित वितरण की व्यवस्था करने जैसी मांगे ग्रामीणों ने विधायक विक्रम मंडावी से की है।

विधायक विक्रम मंडावी ने प्रत्येक गाँव में धैर्यपूर्वक ग्रामीणों की बातें सुनीं, उनकी समस्याओं का जायजा लिया और ग्रामीणों की मांग के अनुरूप विधायक विक्रम मंडावी ने विधायक निधि से प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक एक पानी टैंकर, खेल सामग्री और देवगुड़ी निर्माण करने की स्वीकृति तत्काल प्रदान की है।

विधायक ने कहा “पामेड़ क्षेत्र भले ही प्रदेश का अंतिम छोर हो, लेकिन हमारी प्राथमिकताओं में यह पहले पायदान पर है। यहाँ के लोगों की माँगें उनका संवैधानिक हक हैं। वनाधिकार पट्टा, सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल और राशन — ये सब मिलना चाहिए और मिलेगा। छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इन समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का भरोसा ग्रामीणों को दिया है। विधायक विक्रम मंडावी ने कहा ग्रामीणों का विश्वास और उनका उत्साह ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।”

इस ऐतिहासिक दौरे में जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बसंतराव ताटी, ज्योति कुमार, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज अवलम, जगबंधु मांझी, सुनील उद्दे, अनीता तेलम, भीमा कट्टम, पुरुषोत्तम खत्री, अरुण वासम, मिच्चा समैया, जीवन कलमु, शंकर सोड़ी, महेश मोडियम, शंकर खटबीना, देवा करकू, लक्ष्मण कड़ती, बाबूलाल राठी, मुन्नालाल कोरसा,के. जी. बाबूराव, हड़मा गटपल्ली, शंकर लिंगाईया, जगन्नाथ कुमार और नारायण मोरला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय ग्रामीण साथ रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button