प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना, दंतेवाड़ा में मधुमक्खी पालन से ग्रामीणों को आजीविका का मिला नया जरिया….


दंतेवाड़ा(प्रभात क्रांति)। जिला प्रशासन दंतेवाड़ा के कुशल मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के अंतर्गत ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ करने हेतु मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत चयनित किसानों को 6 नग मधुमक्खी बक्से मधुमक्खियों सहित, आवश्यक उपकरण तथा तीन दिवसीय वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। योजना में तकनीकी सहयोग हंबल बी संस्था द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना की अधिकांश राशि जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से वहन की जा रही है, जबकि हितग्राहियों में स्वामित्व की भावना विकसित करने हेतु नाममात्र का अंशदान लिया जा रहा है, जो भविष्य में उनके हित में सुरक्षित रहेगा। 
योजना का आरंभिक क्रियान्वयन गीदम विकासखंड में किया जा रहा है। प्रथम चरण में बिंजाम, सियानार, समलूर, झोडि़याबाड़म, बड़े कारली, कारली, घोटपाल, कासौली एवं कुतुलनार ग्रामों को शामिल किया गया है, जहाँ कुल 100 किसानों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी मधुमक्खी पालन व्यवसाय से जोड़ा जाएगा। तकनीकी मधुमक्खी पालन के माध्यम से हितग्राहियों को शहद उत्पादन से प्रतिवर्ष लगभग 25,000 रूपये से 30,000 रूपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त होने का अनुमान है। परियोजना के अंतर्गत उत्पादित शहद का संग्रहण एवं विपणन सहयोगी संस्था के माध्यम से किया जाएगा, जिससे किसानों को विक्रय की चिंता नहीं होगी।
ज्ञातव्य है कि मधुमक्खी पालन कम लागत, पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत आजीविका गतिविधि है। इससे न केवल शहद, मोम, पराग एवं रॉयल जेली जैसे उत्पाद प्राप्त होते हैं, बल्कि परागण के माध्यम से फसलों की उपज में 20,30 प्रतिशत तक वृद्धि होती है। यह गतिविधि महिला स्व सहायता समूहों, पशु सखियों एवं छोटे कृषकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी तथा जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देगी।




