छत्तीसगढ़ के भाजपा सरकार की नज़र बस्तर के बेशकीमती खनिज संसाधनों पर ,अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा के बिना कोरंडम खदान की पर्यावरण स्वीकृति आदिवासी अधिकारों का हनन_सीपीआई
केंद्र की मोदी सरकार और सूबे की विष्णुदेव की भाजपा सरकार बस्तर के जल,जंगल, ज़मीन,और खनिज संसाधनों को कार्पोरेट के हवाले करने की तैयारी में _ कमलेश झाड़ी


बीजापुर(प्रभात क्रांति) । बता दें कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी cpi के जिला सचिव कामरेड कमलेश झाड़ी ने एक प्रेस बयान जारी कर केंद्र की मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य में भाजपा की विष्णुदेव सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि, बीजापुर जिले में भोपाल पटनम क्षेत्र के कुचनूर में स्थित कोरंडम खदान से उत्खनन करने का पर्यावरण स्वीकृति दे दी है। संविधान की पांचवीं अनुसूची का क्षेत्र होने के बाउजूद न तो ग्राम सभा की अनुमति ली गई, न गांव वालों से चर्चा किया गया पूरी तरह से तानशाह रवैया अपनाते हुए आदिवासी क्षेत्र से बेशकीमती खनिज निकालने का फैसला किया गया है। जिससे ग्रामीणों में काफ़ी आक्रोश है। 
भाकपा जिला सचिव ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि मौजूदा सरकार पूर्णतः कार्पोरेट परस्त है यहां के जल जंगल ज़मीन, खनिज संसाधन आदि को बेड़े उद्योगपतियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को देने की तैयारी कर रही है। जो आदिवासी क्षेत्र के संवैधानिक अधिकारों का हनन है, बीते कई वर्षों से समय समय पर बदलते सरकारों ने नक्सलियों के खात्मे के नाम से ग़रीब आदिवासियों को अंतरराज्यो में पलायन को मजबूर किया है बीजेपी कांग्रेस दोनों की सरकारें बराबर की हिस्सेदारी है। यहां के आदिवासियों का विस्थापन और जल जंगल ज़मीन की लूट दोनों की मनसा है।
वहीं भाकपा जिला सचिव ने कहा है कि किसी भी हालत में बस्तर को लूटने नही दिया जाएगा। इन कार्पोरेट परस्त सांप्रदायिक फासीवादी सोच की सरकारों के खिलाफ़, पीड़ित शोषित ग़रीब आदिवासी जनता के साथ मिलकर अपने हक़ अधिकार के लिए संघर्ष करेगी। और जनविरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध करेगी।




