बीजापुर जिला प्रशासन पीड़ितों को पानी और बिजली से वंचित कर मौलिक अधिकारों का उल्लंघन रही है- विक्रम मंडावी, बुलडोजर कार्यवाही के विरोध में पीड़ितों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन


बीजापुर(प्रभात क्रांति) । तहसीलदार बीजापुर और नगरपालिका बीजापुर के द्वारा बीते 16 एवं 17 जनवरी को लगभग 130 मकानों को बुलडोजर से बर्बरता पूर्वक तोड़ कर नष्ट करने के विरोध में शुक्रवार को बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी के आह्वान पर पीड़ितों ने बीजापुर नगर में एक दिवसीय पद यात्रा और धरना प्रदर्शन कर तहसील कार्यालय बीजापुर का घेराव किया है। धरना प्रदर्शन के दौरान पीड़ितों ने भाजपा के डबल इंजन की सरकार, जिला प्रशासन और नगरपालिका के बर्बरतापूर्वक बोलडोजर कार्यवाही को अमानवीय बताते हुए जमकर नारेबाज़ी की और पीड़ितों के साथ विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ितों ने कहा है कि नगरपालिका बीजापुर क्षेत्रान्तर्गत वार्ड क्रमांक- 12 के चट्टानपारा में (नया बस स्टैण्ट के पीछे आजाद नगर) दिनांक 16/01/2026 को प्रातः 09:00 बजे से राजस्व विभाग एवं नगरपालिका के अधिकारी/ कर्मचारियों के द्वारा बुलडोजरों से लगभग 130 घरों को तोड़-फोड़ कर गिरा दिया गया।

इस कार्यवाही को करने से पहले किसी भी प्रकार की कोई सूचना नही दी गई और घरों को तोडते समय राजस्व विभाग/ नगरपालिका के द्वारा अपने घरों से समान तक निकालने नही दिया गया जिससे घरों के साथ-साथ दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले सामग्रीयों का बहुत ही नुकसान हुआ है। घरों को तोडे जाने से गरीब परिवार बच्चों सहित बेघर हो गए हैं और वर्तमान में हम खुले आसमान में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। प्रभावित परिवारों में कई ऐसे परिवार है जो नक्सल पीड़ित, आत्मसमर्पित नक्सली, होमगार्ड एवं पुलिस विभाग से जुडे हुए कई पुलिस के जवान है।
इसलिए मांग है कि 1. प्रभावित परिवारों को वार्ड क्रमांक- 12 चट्टानपारा (नया बस स्टैण्ड के पीछे आजाद नगर) में पुनः स्थापित किया जाए। 2. प्रभावित परिवारों को बुनियादी सुविधाएं जैसे- पानी, बिजली, सड़क दिया जाए।3. प्रभावित परिवारों के टुटे हुए मकानों का एवं दैनिक उपयोग की सामाग्री का जो नुकसान हुआ है उसका मुआवजा दिया जाए। 4. शांतिनगर, राऊतपारा, बस-स्टेण्ड के पीछे और अटल-आवास के बाजू में बसे लोगों पर भविष्य में अतिक्रमण के नाम से घरों को नही तोड़ा जाये।
वहीं पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे बीजापुर के विधायक ने कहा कि जिला प्रशासन चट्टानपारा के पीड़ितों को पानी और बिजली जैसे मूलभूत सुविधाओं को जानबूझकर बंद कर रही है। यदि सरकार और प्रशासन का यही रवैया रहा तो आम नागरिक कहां जाएँगे? उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन पीड़ितों को पुनः उसी चट्टानपारा में स्थापित करे और इनके मौलिक अधिकारों की रक्षा करते हुए वे सभी जरूरी सुविधाएं प्रदान की जाए। विधायक विक्रम मंडावी ने पीड़ितों के पुनः स्थापना को लेकर पीड़ितों के 20 सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया है जो आगे प्रशासन के समक्ष वार्ता करेगी।
विदित हो कि इस पद यात्रा में सीपीआई के जिला सचिव कमलेश झाड़ी और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के बस्तर संभाग उपाध्यक्ष विजय झाड़ी ने भी समर्थन दिया और इस पूरे पदयात्रा में शामिल रहे। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता बसंतराव ताटी,नीना रावतीया उद्दे,कमलेश कारम,दिनेश पुजारी,जितेंद्र हेमला,प्रवीण डोंगरे, पुरुषोत्तम सल्लूर, एजाज खान,कामेश मोरला,लक्ष्मण कड़ती,बाबू लाल राठी,जगदीश चापड़ी, शंकर गटपल्ली माडवी गंगा,मगराज खत्री,राजू कुड़ियम, सूर्यकांत गांधरला, सुरेश जुमार, नागेश कोरसा समेत बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार और नगरवासी सम्मिलित थे।




