छात्रावास शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी कल्याण संघ द्वारा अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री छ.ग. शासन को लिखा पत्र….

जगदलपुर(प्रभात क्रांति), बस्तर जिला जगदलपुर में बस्तर जिला स्कूल, आश्रम छात्रावास शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी कल्याण संघ जगदलपुर द्वारा मुख्यमंत्री छ.ग. शासन/ उप मुख्यमंत्री एवं बस्तर प्रभारी एवं रामविचार नेताम मंत्री आदिम जाति कल्याण विभाग नवा रायपुर द्वारा को पत्र के माध्यम आवेदन प्रस्तुत कर लेख किय गया है कि पूर्णकालिक स्वीपर कर्मचारियों को पांचवी अनुसूची के तहत् सीधी भर्ती लेकर नियुक्त किया गया था, जो कि 186 पूर्णकालिक स्वीपर कर्मचारियों का वेतन निर्धारण आज तक नहीं हो पाया तथा वर्तमान में 05-06 माह से वेतन नहीं मिलने की स्थिति में संघ द्वारा जगदलपुर शहर के आयुक्त कार्यालय का घेराव करने ज्ञापन सौंपने की सूचना दिनांक 01.04.2025 को दिया गया था, जिसके तहत् सम्बंधित कार्यालय द्वारा संघ को जवाब दिया गया, जिसमें 05-06 माह का वेतन न देने का उल्लेख किया गया है कि वेतन आबंटन के अभाव में वेतन नहीं दिया गया, यहाँ यह भी बताया गया है कि वर्ष 2014 में विभागीय सेटअप में उद्भुत रिक्तियों के तहत् सीधी भर्ती लिया गया है, जिसकी स्वीकृति छ.ग. शासन वित्त विभाग, मंत्रालय रायपुर के यू.ओ. कमांक/280/23982/ वित्त विभाग//-3/2009, दिनांक 15.09.2009 के द्वारा प्रदान की है, फिर भी कार्यालय द्वारा बजट आबंटन न होने का कारण बताया गय है ।
पत्र के माध्यम से लेख कियाग है कि आदिवासी विभाग शाखा के संदर्भ क. 02 के तहत् विभाग में कार्यरत् कर्मचारियों को सीधी भर्ती 2014 पश्चात् सेवा से पृथक किया गया था, जिसका स्पष्ट उल्लेख है, किन्तु वर्तमान में लगभग 508 कर्मचारियों को श्रम सम्मान निधि की राशि दिया जा रहा है, जिससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि बिना विज्ञापन जारी किये दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप आश्रम/ छात्रवासों में बेक डोर एन्ट्री करवाई गई हैं, जिससे सीधी भर्ती के कर्मचारियों के वेतन आबंटन पर अनावश्यक भार आने से सीधी भर्ती के कर्मचारियों को वेतन प्रदान नहीं किया जा रहा है । माह अप्रैल 2024 से माह जनवरी 2025 तक कुल 10 माह का श्रम सम्मान राशि के लिये रायपुर उच्च कार्यालय द्वारा जिलों से जानकारी मांगी गई है, जिसकी श्रम सम्मान राशि कुछ जिलों को प्राप्त हो गई है, किन्तु बस्तर जिला में श्रम सम्मान राशि आज दिनांक तक अप्राप्त है । उनके द्वारा जानकारी भी संदेह में है उक्त जानकारी त्रुटिपूर्वक भेजा गया है।
उनके द्वारा पत्र के माध्यम से लेख किया गया है कि सीधी भर्ती के तहत् नियुक्त हुये कर्मचारियों की समस्याओं को गम्भीरता पूर्वक विचार करते हुये इनकी समस्याओं का निराकरण करने का आग्रह किया गया है । की महान कृपा करें।