A-HELP कार्यक्रम अंतर्गत NRLM पशु सखियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन सुभारंभ कार्यक्रम…

जगदलपुर(प्रभात क्रांति), माननीय कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के निर्देशानुसार एवं डॉ. एस. एस. टुटेजा निदेशक विस्तार सेवाएं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर में भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना है ए-हेल्प अंतर्गत पशु सखियों हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय पशु चिकित्सा सेवाएं एवं छत्तीसगढ़ राज्य पशुधन विकास अभिकरण के संयुक्त तत्वाधान में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ का आयोजन डॉ. देवेंद्र कुमार नेताम, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, बस्तर के मुख्य अतिथ्य में एवं डॉ. संतोष कुमार नाग, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर की अध्यक्षता में दिनांक 28.03.2025 को आयोजित की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ संतोष नाग ने बताया की ए-हेल्प योजना भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की एक नई पहल है जो पशुपालन की गतिविधियों के लिए एन.आर.एल.एम के एस.एच.जी. प्लेटफार्म की सेवाओं का लाभ प्रदान करती है। श्री राजकुमार देवांगन ने बताया की ए-हेल्प योजना जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को एजेंटों के रूम में शामिल कर के सशक्त बनाना है जो रोग नियंत्रण पशु टैगिंग और पशुधन बीमा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संभाग के विभिन्न जिलों में कार्यरत पशु सखियों की उपलब्धि, कार्य शैली तथा पशुधन के विकास के उद्देश्य से किये जा रहे कार्यों को सराहा गया। उन्होंने बताया कि यह ए-हेल्प समुदाय आधारित महिला कार्यकर्ता समूह है, जो स्थानीय विभागीय गतिविधियों में पशु चिकित्सकों की सहायता करने, पशुपालकों को उद्यमिता विकास के लिए ऋण लेने में मदद करने, आवेदन भरने जैसी कार्य करती हैं। भारत सरकार द्वारा परिकल्पित ए-हेल्प योजना के अंतर्गत महिलाओं को दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन से संबंधित गतिविधियों को मजबूती प्रदान करने के लिए चुना गया है। यह विभिन्न योजनाओं को लागू करने और जमीन स्तर पर किसानों को जानकारी प्रदान करने में सहायता करती है। तत्पश्चात् कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ देवेंद्र कुमार नेताम जी ने बताया कि यह ए-हेल्प योजना केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है जो पशुपालकों और विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क स्थापित करेगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल पशुधन स्वास्थ्य, विस्तार सेवाओं और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे पशुधन उत्पादन और ग्रामीण विकास में सुधार होने की संभावना है। सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों में कार्यरत पशु सखियों को उनके कार्य के प्रगति एवं उपलब्धियां के लिए बधाई देते हुए उन्हें निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ आलोक भार्गव , वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी , डॉ नंदकिशोर मांझी, डॉ शेफाली मेश्राम, डॉ उमेश बघेल , डॉ राहुल साहु श्री राजकुमार देवांगन, डी.पी.एम. एन.आर.एल.एम., पशु चिकित्सा अधिकारी एवं जिले विभिन्न विकासखंड के 50 पशु सखियों की उपस्थिति रही। मंच का संचालन डॉ धर्मपाल केरकेट्टा ने किया।