दीपा सागर मामले में पूर्व विधायक संतोष बाफना की चुप्पी सवालों के घेरे में, पुलिस जांच से असंतुष्ट परिजनों ने मांगी CBI जांच; सीमा यादव हत्याकांड की यादें हुई ताजा….


जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। बस्तर की बेटी दीपा सागर की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर सवालों के बीच बना हुआ है। मृतका के परिजन स्थानीय पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें पुलिस जांच पर भरोसा नहीं रह गया है। परिवार का कहना है कि मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब अब तक नहीं मिला है। इसी वजह से परिजन पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि निष्पक्ष जांच के जरिए उनकी बेटी की मौत की सच्चाई सामने आ सके।
परिजनों ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उन्हें समुचित जानकारी दिए बिना पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार ने दीपा के शरीर पर नाखून जैसे निशान और निजी अंगों के आसपास सूजन होने का दावा भी किया है। परिजनों की मांग है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की सीबीआई से जांच कराई जाए।
दीपा सागर
दीपा सागर का मामला जिस बाफना हाउस परिसर से जुड़ा बताया जा रहा है, उसे लेकर पूर्व विधायक संतोष बाफना की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजन जानना चाहते हैं कि घटनास्थल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कराए जाए । परिवार की अपेक्षा है कि बाफना परिवार अपना पक्ष स्पष्ट करे और जांच में पूरा सहयोग करे।
सीमा यादव हत्याकांड के परिवार को भी न्याय का इंतजार
इसी बीच वर्ष 2022 में सामने आए सीमा यादव हत्याकांड का मामला भी चर्चा में है। 22 वर्षीय सीमा की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान मुख्य आरोपी एवं अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। वहीं हत्या के मामले में मुख्य आरोपी वर्तमान में पत्रकार बनकर घूम रहा है जबकि पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसकी पहचान निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और जनविश्वास से होती है। ऐसे में गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी पत्रकार बना बेख़ौफ़ घूम रहा है।
सीमा यादव
आज भी परिवार को मामले में न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम परिणाम का इंतजार है। परिजनों की ओर से यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि हत्या के मामले में मुख्य आरोपी पत्रकार के रूप में सक्रिय है तथा परिवार को न्याय कब मिलेगा यह सवाल उठ रहा है। 
सीमा यादव के हत्यारे को फांसी दो वर्ष 2022 की तस्वीर
दोनों मामलों में पीड़ित परिवारों की मांग है कि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी हो तथा उनके सवालों का जवाब सामने आए। दीपा सागर के परिजन सीबीआई जांच के जरिए सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं, वहीं सीमा यादव का परिवार न्यायिक फैसले की प्रतीक्षा में है।




