राष्ट्रपति से मिलकर अपनी पीड़ा बताना चाहते थे पीड़ित किसान, नहीं मिल सकी मुलाकात; अब विधायक लता उसेंडी से लगाएंगे गुहार….


कोंडागांव (प्रभात क्रांति)। कोंडागांव लैम्प्स की अमरावती शाखा में कथित ऋण अनियमितता से प्रभावित 12 आदिवासी किसान लंबे समय से आर्थिक और मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं। किसानों के अनुसार, वर्ष 2021 में ऋण माफी के बाद लैम्प्स कर्मियों द्वारा उद्यानिकी विभाग से मिर्ची की खेती के लिए सब्सिडी दिलाने की बात कहकर उनके ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज लिए गए थे। आरोप है कि बाद में उनके नाम पर करीब 22 लाख रुपये का केसीसी ऋण निकाला गया और राशि किसानों को देने के बजाय अपने कब्जे में ले ली गई। किसानों को इसकी जानकारी उस समय हुई, जब वर्ष 2024-25 में उन्हें ऋण अदायगी के नोटिस मिले।
इसी समस्या को लेकर प्रभावित किसानों ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर प्रवास के दौरान उनसे मिलकर अपनी पीड़ा और समस्या बताने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें राष्ट्रपति से मिलने का अवसर नहीं मिल सका। किसानों का कहना है कि इस मामले के कारण वे मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान हैं। उनके नाम पर ऋण दर्ज होने से वे डिफाल्टर की स्थिति में पहुंच गए हैं, जिसके चलते उन्हें आगे ऋण लेने सहित अन्य आर्थिक जरूरतों में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब प्रभावित किसान कोंडागांव विधायक लता उसेंडी से मिलकर पूरे मामले से उन्हें अवगत कराने की तैयारी में हैं। किसान विधायक के समक्ष अपने दस्तावेज और समस्या रखते हुए शासन तक उनकी आवाज पहुंचाने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई एवं ऋण से मुक्ति दिलाने की मांग करेंगे। किसानों को उम्मीद है कि विधायक उनकी समस्या को सरकार के समक्ष रखकर उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में पहल करेंगे।




